सांसदों के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने की चर्चा है.
सुरक्षा बढ़ाने का मुख्य कारण संसदीय बैठक से दूरी
सुरक्षा बढ़ाने का मुख्य कारण संसदीय बैठक से दूरी
पार्टी में बड़ी बगावत की पुष्टि कानपुर:18 अगस्त 2026
महाराष्ट्र:18 अगस्त 2026
महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय और पुलिस प्रशासन ने शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसदों को तत्काल प्रभाव से 'Y-Plus' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है. यह फैसला पार्टी में बगावत की खबरों और उद्धव ठाकरे समर्थकों की ओर से मिल रही धमकियों के बाद सुरक्षा समीक्षा के आधार पर लिया गया है.
इस मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
सुरक्षा पाने वाले सांसद
सुरक्षा पाने वाले छह सांसदों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
महाराष्ट्र:18 अगस्त 2026
महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय और पुलिस प्रशासन ने शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसदों को तत्काल प्रभाव से 'Y-Plus' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है. यह फैसला पार्टी में बगावत की खबरों और उद्धव ठाकरे समर्थकों की ओर से मिल रही धमकियों के बाद सुरक्षा समीक्षा के आधार पर लिया गया है.
इस मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
सुरक्षा पाने वाले सांसद
सुरक्षा पाने वाले छह सांसदों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
संजय देशमुख
संजय जाधव
संजय दीना पाटिल
भाऊसाहेब वाकचौरे
नागेश पाटिल अष्टकर
ओम राजे निंबालकर
सुरक्षा बढ़ाने का मुख्य कारण संसदीय बैठक से दूरी: ये सांसद दिल्ली में हुई शिवसेना यूबीटी संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए थे, जिससे पार्टी में बड़ी बगावत की पुष्टि हुई.
पार्टी बदलने की अटकलें:
संजय जाधव
संजय दीना पाटिल
भाऊसाहेब वाकचौरे
नागेश पाटिल अष्टकर
ओम राजे निंबालकर
सुरक्षा बढ़ाने का मुख्य कारण संसदीय बैठक से दूरी: ये सांसद दिल्ली में हुई शिवसेना यूबीटी संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए थे, जिससे पार्टी में बड़ी बगावत की पुष्टि हुई.
पार्टी बदलने की अटकलें:
इन सांसदों के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने की मजबूत चर्चा है.
नेताओं के बयान और कार्यकर्ताओं का आक्रोश: शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत और अन्य पदाधिकारियों के तीखे बयानों के बाद जमीनी स्तर के शिवसैनिकों द्वारा उनके घरों पर विरोध प्रदर्शन और हमलों की आशंका जताई गई थी.
नेताओं के बयान और कार्यकर्ताओं का आक्रोश: शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत और अन्य पदाधिकारियों के तीखे बयानों के बाद जमीनी स्तर के शिवसैनिकों द्वारा उनके घरों पर विरोध प्रदर्शन और हमलों की आशंका जताई गई थी.




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