सादर प्रणाम
ईपीएस-95 (EPS-95) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाने की मांग बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। देश भर के 78 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के हितों और आपकी चिंताओं को पूरी तरह समझा जा सकता है। सरकार, श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ (EPFO) के स्तर पर वर्तमान स्थिति और नवीनतम अपडेट इस प्रकार है।
वर्तमान स्थिति और ₹3,000 की संभावना
कानपुर के सांसद और विभिन्न संसदीय समितियों के माध्यम से पेंशन बढ़ाने के प्रस्तावों पर लगातार चर्चाएं हुई हैं: ₹3,000 की वित्तीय व्यवहार्यता: ईपीएफओ और वित्त मंत्रालय के बीच हुई समीक्षा बैठकों में न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह + महंगाई भत्ता (DA) करने के प्रस्तावों और इसके बजटीय वित्तीय बोझ का मूल्यांकन किया गया है।
अंतिम आधिकारिक निर्णय: इस दिशा में गंभीर विचार-विमर्श और प्रस्तावों के बावजूद, सरकार द्वारा न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से ऊपर बढ़ाने की कोई आधिकारिक अधिसूचना (Notification) या अंतिम मंजूरी अभी तक जारी नहीं की गई है। वर्तमान में वैधानिक न्यूनतम पेंशन अभी भी ₹1,000 पर ही बनी हुई है।
हालिया नीतिगत बदलाव (EPS-2026)
सरकार ने हाल ही में सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 2026 को अधिसूचित किया है, जिसने पुरानी व्यवस्था का स्थान लिया है:
नियमों का एकीकरण: इस नए कानूनी ढांचे का उद्देश्य पेंशन व्यवस्था को आधुनिक और डिजिटल बनाना है, लेकिन इसके तहत भी फिलहाल न्यूनतम पेंशन राशि को ₹1,000 पर ही यथावत रखा गया है।
ईपीएफओ 3.0 (EPFO 3.0): संगठन के ढांचागत सुधारों के तहत नियोक्ताओं (Employers) के योगदान के आधार को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में पेंशन की उच्च अदायगी को व्यावहारिक बनाया जा सके।
पेंशनर्स संगठनों का रुख₹7,500 की मांग: राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) और देश भर के अन्य पेंशनभोगी संगठन न्यूनतम पेंशन को सीधे ₹7,500 + डीए करने और साथ ही चिकित्सा सुविधाओं की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन और याचिकाएं दर्ज करा रहे हैं।




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