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गर्ग एविएशन चार-सीटर प्रशिक्षण विमान क्रैश: सवार दोनों पायलटों की मौके पर मौत

 विमान ने सुबह लगभग 11:30 बजे चकेरी स्थित गर्ग एविएशन सेंटर से उड़ान भरी 
 उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद, 11:50 बजे  हादसा
 सिविल एयरपोर्ट से करीब 5 नॉटिकल मील दूर, गंगा बैराज के नत्थापुरवा गांव के अमरूद के खेत में क्रैश
विमान इटैलियन मूल का ट्विन-इंजन 'टेकनम P2006T' एयरक्राफ्ट रजिस्ट्रेशन नंबर VT-NBV 
कानपुर:27 अगस्त 2026
कानपुर 27 अगस्त 2026 को गंगा बैराज क्षेत्र में आजविमान हादसा बेहद दुखद है, जिसमें गर्ग एविएशन (Garg Aviation) के चार-सीटर प्रशिक्षण विमान के क्रैश होने से विमान में सवार दोनों पायलटों की मौके पर ही मौत हो गई है। 
जुड़ी मुख्य बातें: 
स्थान: गंगा बैराज क्षेत्र, कानपुर।
 विमान: गर्ग एविएशन का ट्रेनी एयरक्राफ्ट। 
हताहत: हादसे में विमान में सवार पायलट और को-पायलट (ट्रेनी पायलट) दोनों की मौत हो गई है।
हादसे से जुड़ी मुख्य बातें: 
स्थान: गंगा बैराज क्षेत्र, कानपुर। 
विमान: गर्ग एविएशन का ट्रेनी एयरक्राफ्ट। हताहत: हादसे में विमान में सवार पायलट और को-पायलट (ट्रेनी पायलट) दोनों की मौत हो गई है।
इस दर्दनाक दुर्घटना से जुड़े मुख्य विवरण इस प्रकार हैं:
हादसे की मुख्य बातें और घटनाक्रमहादसे का समय: विमान ने सुबह लगभग 11:30 बजे चकेरी स्थित गर्ग एविएशन सेंटर से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद, 11:50 बजे यह हादसा हुआ।
दुर्घटना का स्थान: यह विमान कानपुर सिविल एयरपोर्ट से करीब 5 नॉटिकल मील दूर, गंगा बैराज क्षेत्र के नत्थापुरवा गांव के एक अमरूद के खेत में क्रैश हुआ। 
विमान का विवरण: दुर्घटनाग्रस्त विमान इटैलियन मूल का ट्विन-इंजन 'टेकनम P2006T' (Tecnam P2006T) एयरक्राफ्ट था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-NBV है। 
हताहत हुए पायलटों की पहचान
विमान में मुख्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक ट्रेनी पायलट सवार थे, जिनकी पहचान हो चुकी है:
सचिन भाटिया 29 वर्ष: यह मुख्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (पायलट) थे, जो गुजरात के रहने वाले थे। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, सचिन के पास 3,000 घंटे से अधिक की उड़ान का लंबा अनुभव था। 
अभिषेक पुजारी उम्र 28 वर्ष: यह को-पायलट (प्रशिक्षु छात्र) थे, जो महाराष्ट्र (पनवेल) / कर्नाटक के रहने वाले थे। 
वर्तमान स्थिति और जांचक्रैश की तीव्रता: विमान इतनी तेजी से जमीन पर गिरा कि उसके परखच्चे उड़ गए और पुर्जे 20 से 30 फीट दूर तक बिखर गए। गनीमत यह रही कि विमान आबादी से करीब 1 किमी दूर गिरा, जिससे जमीन पर कोई अन्य हताहत नहीं हुआ।
जांच के आदेश: हादसे के कारणों (तकनीकी खराबी या मानवीय भूल) का पता लगाने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की तीन सदस्यीय टीम को रवाना किया गया है। इसके साथ ही विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने भी मामले की विस्तृत कानूनी जांच शुरू कर दी है।

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