न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 19 अगस्त को महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
केंद्रीय गृह मंत्री, भारतीय सेना और धार्मिक प्रतीकों को लेकर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीआरोप: महिलाओं का अपमान: महिलाओं की गरिमा और शालीनता को ठेस पहुँचाना
कानपुर:25 अगस्त 2026
पश्चिम बंगाल:25 अगस्त 2026
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कृष्णानगर की अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने अगले आदेश (31 अगस्त) तक रोक लगा दी है।
इस मामले से जुड़े मुख्य तथ्य और ताज़ा अपडेट्स इस प्रकार हैं:
1. गिरफ्तारी वारंट जारी क्यों : पश्चिम बंगाल के नादिया जिले की कृष्णानगर तीसरी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने 19 अगस्त को महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कृष्णानगर की अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने अगले आदेश (31 अगस्त) तक रोक लगा दी है।
इस मामले से जुड़े मुख्य तथ्य और ताज़ा अपडेट्स इस प्रकार हैं:
1. गिरफ्तारी वारंट जारी क्यों : पश्चिम बंगाल के नादिया जिले की कृष्णानगर तीसरी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने 19 अगस्त को महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
कोर्ट ने यह कदम महुआ मोइत्रा के बार-बार समन जारी किए जाने के बावजूद व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश न होने के कारण उठाया।
मजिस्ट्रेट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अदालत के निर्देशों के प्रति "लापरवाह रवैया" बताया था।
2. महुआ मोइत्रा पर आरोप: हुआ मोइत्रा के खिलाफ 17 जून को एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
मजिस्ट्रेट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अदालत के निर्देशों के प्रति "लापरवाह रवैया" बताया था।
2. महुआ मोइत्रा पर आरोप: हुआ मोइत्रा के खिलाफ 17 जून को एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
महिलाओं का अपमान: महिलाओं की गरिमा और शालीनता को ठेस पहुँचाना (भारतीय न्याय संहिता की धारा 79)।
हेट स्पीच और भड़काऊ टिप्पणी: विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना, नफरत भरा भाषण देना और धार्मिक भावनाओं को आहत करना।
विवादित बयान: शिकायत के अनुसार, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री, भारतीय सेना और धार्मिक प्रतीकों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
3.बाहर बदसलूकी या नारेबाजी: महुआ मोइत्रा के वकील की दलीलअदालत में महुआ मोइत्रा के वकील ने अनुपस्थिति का कारण बताते हुए आशंका जताई थी कि यदि वह कोर्ट परिसर में आती हैं, तो उनके साथ बाहर बदसलूकी या नारेबाजी हो सकती है।
हेट स्पीच और भड़काऊ टिप्पणी: विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना, नफरत भरा भाषण देना और धार्मिक भावनाओं को आहत करना।
विवादित बयान: शिकायत के अनुसार, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री, भारतीय सेना और धार्मिक प्रतीकों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
3.बाहर बदसलूकी या नारेबाजी: महुआ मोइत्रा के वकील की दलीलअदालत में महुआ मोइत्रा के वकील ने अनुपस्थिति का कारण बताते हुए आशंका जताई थी कि यदि वह कोर्ट परिसर में आती हैं, तो उनके साथ बाहर बदसलूकी या नारेबाजी हो सकती है।
हालांकि, कृष्णानगर कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए वारंट जारी कर दिया था और पुलिस से 28 अगस्त तक इस पर तामील रिपोर्ट मांगी थी।
4. कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहतकृष्णानगर कोर्ट के इस आदेश को महुआ मोइत्रा ने कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी।
सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है और निर्देश दिया है कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
इस मामले में हाई कोर्ट की खंडपीठ द्वारा अगली सुनवाई 27 अगस्त को की जाएगी, जिसमें वारंट को चुनौती देने वाली दलीलों पर विस्तृत विचार होगा।
4. कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहतकृष्णानगर कोर्ट के इस आदेश को महुआ मोइत्रा ने कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी।
सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है और निर्देश दिया है कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
इस मामले में हाई कोर्ट की खंडपीठ द्वारा अगली सुनवाई 27 अगस्त को की जाएगी, जिसमें वारंट को चुनौती देने वाली दलीलों पर विस्तृत विचार होगा।
बीएनएस धारा 79 क्या है - सजा और जमानत
विषयसूची
हमारे देश में महिलाओं को लगातार बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें से एक सबसे बड़ी चुनौती है उनके साथ होने वाले अपराध। कुछ ऐसे अपराध जो न केवल महिलाओं की जिंदगी को बर्बाद करते हैं बल्कि उन्हें डर कर रहने के लिए मजबूर कर देते है। किसी भी महिला के लिए उनका सम्मान व सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। लेकिन आजकल चाहे घर हो, ऑफिस हो या फिर सड़क, महिलाएं हर जगह असुरक्षित महसूस करती हैं। इसलिए आज हम महिलाओं के सम्मान से जुड़ी एक भारतीय न्याय संहिता की धारा के बारे में जानेंगे, की बीएनएस की धारा 79 क्या है (BNS Section 79 in Hindi)? इस धारा में सजा और जमानत का क्या प्रावधान है?
महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के लिए बहुत सारे नियम व कानून बनाए गए है, जिनमें से एक कानून है, महिलाओं की लज्जा की रक्षा करना। जिसके उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर अभी कुछ महीनों पहले तक भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 509 लागू कर कार्यवाही की जाती थी। लेकिन BNS के लागू होते ही इस धारा को भारतीय दंड संहिता की धारा 79 से बदल कर आरोपी व्यक्तियों पर लागू किया जाने लगा है। जिसके बारे में आम नागरिकों से लेकर देश के प्रत्येक इंसान को संपूर्ण जानकारी होना बेहद जरुर है।
बीएनएस की धारा 79 क्या है
भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 महिलाओं के सम्मान और गरिमा (Honor Or Dignity) की रक्षा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान (Legal Provision) है। यह धारा किसी महिला की मर्यादा को ठेस पहुंचाने के इरादे से बोले गए किसी भी शब्द, इशारे या कार्य को अपराध घोषित करती है। यह धारा महिलाओं को यौन उत्पीड़न और अपमान से बचाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बीएनएस धारा 79 तब किसी व्यक्ति पर तब लागू होती है, जब कोई व्यक्ति जानबूझकर (Intentionally) किसी महिला की मर्यादा को ठेस पहुंचाने का प्रयास करता है। ऐसे व्यक्ति जो किसी महिला को शर्मिंदा करने, अपमानित करने या डराने के लिए शब्दों या कार्यों का उपयोग करता है। इस अपराध के लागू किए जाने के लिए शारीरिक संपर्क (यानी छूना) आवश्यक नहीं है, केवल बोल कर किसी महिला का अपमान करना ही अपराध माना जा सकता है।
धारा 79 लागू होने के मुख्य तत्व
इस अपराध के लागू किए जाने के लिए आवश्यक है कि आरोपी (Accused) ने कोई ऐसा शब्द बोला हो, कोई ऐसा इशारा किया हो या कोई ऐसा कार्य किया हो जिससे किसी महिला की मर्यादा को ठेस पहुंची हो।
यह महत्वपूर्ण है कि आरोपी द्वारा किया गया कार्य किसी महिला के खिलाफ उसका अपमान या लज्जा भंग करने के लिए किया गया हो।
आरोपी का इरादा यह होना चाहिए कि वह अपने कार्यों से महिला की मर्यादा को ठेस पहुंचाए।
आरोपी के द्वारा की गई हरकतों या कार्यों द्वारा किसी महिला की मर्यादा को वास्तव में ठेस पहुंची हो।
धारा 79 के तहत कुछ ऐसे कार्य जिनको करना कानूनी रुप से अपराध माना जा सकता है
सार्वजनिक स्थान यानी लोगों के आने जाने वाले स्थानों पर किसी भी महिला से अश्लील बातें करना व उनके लिए गंदे शब्दों का प्रयोग करना।
किसी महिला की अनुमति के बिना उसकी फोटो वीड़ियो बनाना व बाद में उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करना।
किसी महिला को बार-बार फोन करना, मैसेज करना, या उनके घर के बाहर खड़े रहना।
किसी भी लड़की को देखकर सीटी बजाना, गंदे गाने गाना।
किसी भी महिला के बारे में झूठी अफवाहें फैलाकर उसके सम्मान को नुकसान पहुँचाना।
लगातार ज्यादा देर तक किसी महिला को घूरना व उसको गलत नजर से देखना। किसी महिला को उसके धर्म, जाति या लिंग के आधार पर अपमानित करना।
बीएनएस की सेक्शन 79 के जुर्म का उदाहरण
सुमन एक बहुत बड़ी कंपनी में काम करने वाली बहुत ही समझदार महिला होती है। जब भी सुमन अपने दफ्तर जाती है तो उसका बॉस साहिल अक्सर उसके बारे में कुछ-कुछ टिप्पणियां करते हैं, जैसे कि "आप बहुत अच्छी लग रही हैं या "आपको यह स्कर्ट बहुत अच्छी लग रही है"। इसके साथ ही साहिल अक्सर सुमन के पास आकर खड़े हो जाते हैं और उसे देर तक घूरते रहते है, जिससे सुमन को बहुत परेशानी होती है।
सुमन ने साहिल को कई बार ऐसा न करने के लिए कहा, लेकिन साहिल नहीं माना। आखिरी में सुमन ने परेशान होकर साहिल की शिकायत पुलिस में कर दी। जिसके बाद पुलिस द्वारा साहिल के खिलाफ BNS 79 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही की गई।
बीएनएस की धारा 79 की सजा -
बीएनएस सेक्शन 79 के प्रावधान (Provision) अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की लज्जा भंग करने या उसके सम्मान को ठेस पहुँचाने के अपराध का दोषी (Guilty) पाया जाएगा। उसे इस अपराध की सजा (Punishment) के तौर पर तीन साल तक की कारावास व जुर्माने (Imprisonment or Fine) से दंडित किया जा सकता है।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 में जमानत कब व कैसे मिलती है
बीएनएस की धारा 79 के अनुसार किसी महिला का अपमान करना एक संज्ञेय (Cognizable) यानी गंभीर अपराध होता है। जिसे महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न (Harassment) को रोकने के लिए गंभीर अपराधों की श्रेणी में रखा गया है। परन्तु यह अपराध जमानती (Bailable) होता है, जिसमें आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तारी के बाद अधिकार के तौर पर जमानत (Bail) पर रिहा कर दिया जाता है। यह अपराध किसी भी श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय होता है।
संबधित धाराएं:
महिला के साथ यौन उत्पीड़न की सजा (BNS 75)
लड़की की वीडियो बनाना (BNS 77)
महिला का पीछा करना (BNS 78)
अश्लील इशारे करना (BNS 79)
बलात्कार करना (BNS 64)
निष्कर्ष:- BNS Section 79 एक ऐसा कानून है जो महिलाओं की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए बनाया गया है। यह कानून किसी भी व्यक्ति के लिए एक स्पष्ट संदेश देता है कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




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