ब्रेकिंग न्यूज

12/recent/ticker-posts

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन को कमजोर करने और अंतरिक्ष कार्यक्रम का "आक्रामक निजीकरण" करने का गंभीर आरोप: जयराम रमेश: कांग्रेस नेता

रॉकेट विकास और निर्माण में इसरो की भूमिका को  सीमित किया जा रहा है 
तमिलनाडु  कुलशेखरपट्टनम में  देश के दूसरे स्पेसपोर्ट को निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी 
आंध्र प्रदेश के ऐतिहासिक श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट के भविष्य पर सवाल
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने  आरोपों को सिरे से खारिज किया 
 सरकार का रुख है कि अंतरिक्ष क्षेत्र में रिफॉर्म्स और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना
देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम का एक स्वाभाविक और जरूरी विस्तार 
पिछले कुछ महीनों में  करीब 100 से 120 प्रमुख वैज्ञानिकों  ने इस्तीफा दे दिया है
कानपुर:25 अगस्त 2026
नई दिल्ली: 25 अगस्त 2026
जयराम रमेश द्वारा उठाए गए प्रमुख सवाल और चिंताएं इस प्रकार हैं:
 कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को कमजोर करने और अंतरिक्ष कार्यक्रम का "आक्रामक निजीकरण" करने का गंभीर आरोप लगाया है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जारी एक बयान में उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार परमाणु ऊर्जा क्षेत्र की तरह अंतरिक्ष क्षेत्र को भी निजी हाथों में सौंपने की नीति अपना रही है
  • भूमिका को सीमित करना: उन्होंने आरोप लगाया कि रॉकेट विकास और निर्माण में इसरो की भूमिका को बेहद सीमित किया जा रहा है 
  • संपत्तियों का हस्तांतरण: उन्होंने दावा किया कि इसरो की सैटेलाइट से जुड़ी अधिकांश संपत्तियां निजी कंपनियों को सौंपी जा रही हैं 
  • स्पेसपोर्ट्स का भविष्य: तमिलनाडु के कुलशेखरपट्टनम में ~1,000 करोड़ रुपये से बन रहे देश के दूसरे स्पेसपोर्ट को निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी का आरोप लगाया और आंध्र प्रदेश के ऐतिहासिक श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट के भविष्य पर भी सवाल उठाए 
  • वैज्ञानिकों का इस्तीफा: रमेश ने दावा किया कि भविष्य को भांपते हुए पिछले कुछ महीनों में इसरो के करीब 100 से 120 प्रमुख पेशेवरों (वैज्ञानिकों) ने इस्तीफा दे दिया है 
  • पूर्व प्रमुखों से अपील: उन्होंने भाजपा में शामिल हो चुके पूर्व इसरो प्रमुख जी. माधवन नायर की आशंकाओं का हवाला देते हुए अन्य पांच जीवित पूर्व इसरो अध्यक्षों से भी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने की अपील की 
भाजपा का पलटवार:दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सरकार का रुख है कि अंतरिक्ष क्षेत्र में रिफॉर्म्स और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम का एक स्वाभाविक और जरूरी विस्तार है, जिससे भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाएं और मजबूत होंगी

Post a Comment

0 Comments