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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने स्कूलों की नवीन मान्यता और संबद्धता पर 18% GST जमा करना अनिवार्य

माध्यमिक शिक्षा निदेशक और परिषद के सचिव द्वारा जारी आदेश
जीएसटी  भुगतान नहीं  तो  आवेदन पर विचार नहीं 
आगे अग्रसारित या संस्तुत  नही किया जाएगा।
निर्णय भारत सरकार  वित्त मंत्रालय के परिपत्रऔर  CGST अधिनियम-2017 के प्रावधानों के तहत

कानपुर:23 अगस्त 2026
प्रयागराज:23 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने स्कूलों की नवीन मान्यता और संबद्धता  शुल्क पर 18% GST (वस्तु एवं सेवा कर) जमा करना अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक और परिषद के सचिव द्वारा जारी किया गया है।
इस नए निर्देश से जुड़ी मुख्य बातें और प्रक्रिया इस प्रकार हैं:
मुख्य दिशा-निर्देश
प्रभावी तिथि: यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से पूर्ण रूप से लागू मानी जाएगी। इस तारीख से ऑनलाइन पोर्टल पर किए जाने वाले सभी आवेदनों पर यह नियम लागू रहेगा। 
आवेदन पर रोक: यदि कोई संस्थान निर्धारित मान्यता शुल्क के साथ 18% जीएसटी का भुगतान नहीं करता तो उसके आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा और न ही उसे आगे अग्रसारित या संस्तुत  किया जाएगा।
आदेश का आधार: यह निर्णय भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के परिपत्र और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) अधिनियम-2017 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। 
 भुगतान की नई प्रक्रियादो अलग-अलग भुगतान: स्कूल संचालकों को सबसे पहले मूल मान्यता शुल्क को हमेशा की तरह राजकोष (Treasury) में जमा करना होगा। 
जीएसटी खाता: इसके बाद 18% जीएसटी की राशि को परिषद द्वारा निर्धारित बैंक ऑफ बड़ौदा (इलाहाबाद शाखा) के विशेष खाते में अलग से जमा करना होगा।
पोर्टल पर अपलोड: भुगतान करने के बाद प्राप्त चालान या रसीद की प्रमाणित और स्पष्ट प्रति को ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। 
क्षेत्रीय कार्यालय में प्रति: इसके अतिरिक्त, इस रसीद की एक प्रति संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय  में भी जमा करानी होगी। 
यूपी बोर्ड ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों  को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के सभी वित्तविहीन  विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को इस नई व्यवस्था की जानकारी दें और इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।

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