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"नेहा अंबेडकर" 23 वर्षीय महिला के जज बनने का कोई वास्तविक रिकॉर्ड नहीं: पहली बार जज नियुक्त तब उम्र 41 वर्ष

मात्र 23 वर्ष की आयु में अमेरिका में किसी का जज बनना व्यावहारिक और कानूनी रूप से असंभव
लगभग 1,000 से अधिक गरीब और असहाय की वकालत निजी वकीलों का खर्च नहीं उठा सकते थे
दीपा अम्बेकर न्यूयॉर्क सिटी क्रिमिनल कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं
उनका कार्यकाल जनवरी 2031 तक के लिए

कानपुर:14 अगस्त 2026
यह सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह से भ्रामक और गलत (Fake News) है। अमेरिका में "नेहा अंबेडकर" नाम की किसी 23 वर्षीय महिला के जज बनने का कोई वास्तविक रिकॉर्ड नहीं है।
इस भ्रामक दावे से जुड़े असली तथ्य निम्नलिखित हैं:
1. असली पहचान: जज दीपा अम्बेकर (Deepa Ambekar)
सोशल मीडिया पर "नेहा अंबेडकर" के नाम से फैलाई जा रही खबर असल में भारतीय मूल की दीपा अम्बेकर से जुड़ी पुरानी खबर का विकृत रूप है।
नियुक्ति: दीपा अम्बेकर को मई 2018 में न्यूयॉर्क सिटी के सिविल कोर्ट में जज नियुक्त किया गया था। 
उम्र: जब उन्हें पहली बार जज नियुक्त किया गया, तब उनकी उम्र 41 वर्ष थी, न कि 23 वर्ष। 
पुनर्नियुक्ति: इसके बाद जनवरी 2020 में न्यूयॉर्क के मेयर द्वारा उन्हें दोबारा कोर्ट में नियुक्त किया गया था। 
2. क्या 23 साल की उम्र में अमेरिका में जज बनना संभव है?
अमेरिका में जज बनने के लिए न्यूनतम योग्यता में 4 साल की बैचलर डिग्री और उसके बाद 3 साल की लॉ डिग्री (Juris Doctor) पूरी करना जरूरी है।
इसके अलावा कई वर्षों का वकालत (Legal Practice) का अनुभव अनिवार्य होता है।
इसलिए, मात्र 23 वर्ष की आयु में अमेरिका में किसी का जज बनना व्यावहारिक और कानूनी रूप से असंभव है।जज दीपा अम्बेकर के जीवन, शिक्षा और न्यायिक करियर से जुड़े मुख्य तथ्य निम्नलिखित हैं:
न्यायिक करियर (Judicial Career)प्रथम नियुक्ति:
मई 2018 में न्यूयॉर्क सिटी के मेयर बिल डी ब्लासियो ने उन्हें पहली बार सिविल कोर्ट में अंतरिम जज नियुक्त किया था। इसके साथ ही वे न्यूयॉर्क में जज बनने वाली दूसरी भारतीय मूल की महिला बनीं (पहली चेन्नई की राज राजेश्वरी थीं)।
पुनर्नियुक्ति: जनवरी 2020 में उनके बेहतरीन काम को देखते हुए उन्हें फिर से सिविल कोर्ट में नियुक्त किया गया। 
वर्तमान कार्यकाल: वर्तमान में, जज दीपा अम्बेकर न्यूयॉर्क सिटी क्रिमिनल कोर्ट (किंग्स काउंटी) में न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं, और उनका यह कार्यकाल जनवरी 2031 तक के लिए है। 
शिक्षा और योग्यता (Education)उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (ऐन आर्बर) से अपनी स्नातक (Graduation) की पढ़ाई पूरी की। 
इसके बाद उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित रटगर्स लॉ स्कूल (Rutgers Law School) से कानून में डॉक्टरेट की डिग्री (Juris Doctor) हासिल की।
जनसेवा और वकालत का अनुभव जज बनने से पहले दीपा अम्बेकर ने न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल की 'कमेटी ऑन पब्लिक सेफ्टी' में 3 वर्षों तक सीनियर लेजिस्लेटिव अटॉर्नी और काउंसिल (सलाहकार) के रूप में कार्य किया था।
इससे पहले, उन्होंने लीगल एड सोसाइटी (क्रिमिनल डिफेंस डिविजन) में स्टाफ अटॉर्नी के तौर पर काम किया, जहाँ उन्होंने लगभग 1,000 से अधिक ऐसे गरीब और असहाय लोगों के मुकदमों की वकालत की जो निजी वकीलों का खर्च नहीं उठा सकते थे।
दीपा अम्बेकर का वास्तविक जीवन और उनकी सफलता वैश्विक मंच पर भारतीय मूल के लोगों की कड़ी मेहनत, सही कानूनी प्रक्रिया और योग्यता का एक बेहतरीन उदाहरण है।
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