133 भारतीय में कई चीन के तिब्बत क्षेत्र में स्थित पवित्र कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे थे।
भारतीय वायुसेना विमान दवाएं, राशन और राहत सामग्री हिंडन एयरबेस से काठमांडू रवाना
सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी : +977 985 131 6807 +977 970 910 7500
नेपाल के लिए बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू कानपुर:26 अगस्त 2026
नेपाल : :26 अगस्त 2026
नेपाल के उत्तरी रसुवा जिले में तिब्बत की ओर से भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 403 से 500 लोग लापता हैं, जिनमें 133 भारतीय पर्यटक और तीर्थयात्री शामिल हैं। भारत सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए नेपाल के लिए बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू कर दिया है।
आपदा और बचाव से जुड़ी मुख्य जानकारियां
तबाही का कारण: प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, तिब्बत सीमा के पास भूकंप या ग्लेशियर पिघलने के कारण हुए भूस्खलन से भोटेकोशी नदी का रास्ता रुक गया था, जिसके अचानक फटने से यह जलप्रलय आया।
भारतीय नागरिक लापता: लापता 133 भारतीयों में से कई लोग चीन के तिब्बत क्षेत्र में स्थित पवित्र कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे थे।
भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन: काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावितों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: +977 985 131 6807 +977 970 910 7500
वायुसेना के विमान तैनात: भारतीय वायुसेना का C-130J मालवाहक विमान आवश्यक दवाएं, राशन और राहत सामग्री लेकर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से काठमांडू के लिए रवाना हो चुका है।
UP और Bihar में हाई अलर्ट: नेपाल की नदियों का पानी भारत की ओर बढ़ने की आशंका के चलते उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
NDRF की तैनाती: गंडक और नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गोपालगंज, मोतिहारी, पश्चिमी व पूर्वी चंपारण, महाराजगंज और कुशीनगर जैसे सीमावर्ती इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को तैनात व स्टैंडबाय पर रखा गया है।
भारत सरकार का त्वरित एक्शनराहत सामग्री की पहली खेप रवाना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात कर संवेदना और पूर्ण सहयोग जताने के बाद, भारत ने 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री भेजी है।
भारतीय वायुसेना विमान दवाएं, राशन और राहत सामग्री हिंडन एयरबेस से काठमांडू रवाना
सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी : +977 985 131 6807 +977 970 910 7500
नेपाल के लिए बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू कानपुर:26 अगस्त 2026
नेपाल : :26 अगस्त 2026
नेपाल के उत्तरी रसुवा जिले में तिब्बत की ओर से भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 403 से 500 लोग लापता हैं, जिनमें 133 भारतीय पर्यटक और तीर्थयात्री शामिल हैं। भारत सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए नेपाल के लिए बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू कर दिया है।
आपदा और बचाव से जुड़ी मुख्य जानकारियां
तबाही का कारण: प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, तिब्बत सीमा के पास भूकंप या ग्लेशियर पिघलने के कारण हुए भूस्खलन से भोटेकोशी नदी का रास्ता रुक गया था, जिसके अचानक फटने से यह जलप्रलय आया।
भारतीय नागरिक लापता: लापता 133 भारतीयों में से कई लोग चीन के तिब्बत क्षेत्र में स्थित पवित्र कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे थे।
भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन: काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावितों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: +977 985 131 6807 +977 970 910 7500
वायुसेना के विमान तैनात: भारतीय वायुसेना का C-130J मालवाहक विमान आवश्यक दवाएं, राशन और राहत सामग्री लेकर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से काठमांडू के लिए रवाना हो चुका है।
UP और Bihar में हाई अलर्ट: नेपाल की नदियों का पानी भारत की ओर बढ़ने की आशंका के चलते उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
NDRF की तैनाती: गंडक और नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गोपालगंज, मोतिहारी, पश्चिमी व पूर्वी चंपारण, महाराजगंज और कुशीनगर जैसे सीमावर्ती इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को तैनात व स्टैंडबाय पर रखा गया है।
भारत सरकार का त्वरित एक्शनराहत सामग्री की पहली खेप रवाना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात कर संवेदना और पूर्ण सहयोग जताने के बाद, भारत ने 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री भेजी है।




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