युवाओं में बेचैनी, निराशा और हताशा पिछले 12 वर्षों में रोजगार के अवसर न बनने का परिणाम
सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर कोई जोर नहीं दिया है।
केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों ने छोटे व्यवसायों और नौकरी देने वाले माध्यमों की कमर तोड़ दी
नीतियों के चलते देश का कृषि क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित, जिससे रोजगार के अवसर घटे हैं।
नई दिल्ली: 25 अगस्त 2026
कांग्रेस सांसद और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि देश में बेरोजगारी दर पिछले 40 सालों में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। नीति आयोग की हालिया रोजगार रिपोर्ट के बाद 24 अगस्त 2026 को संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में बढ़ती बेचैनी, निराशा और हताशा पिछले 12 वर्षों में रोजगार के अवसर न बनने का परिणाम है।
प्रियंका गांधी द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु और सवाल निम्नलिखित हैं:
युवाओं में भारी असंतोष छात्रों का विरोध प्रदर्शन: देश भर में हो रहे छात्रों के प्रदर्शन युवाओं के भीतर छिपे गुस्से और हताशा को दर्शाते हैं।
भविष्य को लेकर निराशा: असफल शिक्षा प्रणाली के कारण डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं को पर्याप्त नौकरियां नहीं मिल रही हैं।
गलत आर्थिक नीतियांMSME और छोटे उद्योगों की अनदेखी: सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर कोई जोर नहीं दिया है।
कारोबारियों पर संकट: केंद्र सरकार की कुछ आर्थिक नीतियों ने छोटे व्यवसायों और नौकरी देने वाले अन्य माध्यमों की कमर तोड़ दी है।
कृषि क्षेत्र की बदहाली: नीतियों के चलते देश का कृषि क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे वहां भी रोजगार के अवसर घटे हैं।
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