संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति की निगरानी टीम द्वारा जारी की गई 38वीं रिपोर्ट में खुलासा
कार चला रहे मुख्य संदिग्ध की पहचान डॉ. उमर मोहम्मद (उमर नबी) के रूप
दिल्ली के लाल किले के सामने 10 नवंबर 2025 को एक कार में भीषण बम धमाका हुआ था
11 लोगों की मौत हो गई थी।
नई दिल्ली: 13 अगस्त 2026
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ताजा रिपोर्ट में यह आधिकारिक तौर पर साफ हो गया है कि नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके के पीछे अल-कायदा की दक्षिण एशियाई शाखा 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (AQIS) का हाथ था।
अगस्त 2026 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति की निगरानी टीम द्वारा जारी की गई 38वीं रिपोर्ट में इस बात का बड़ा खुलासा किया गया है। इस रिपोर्ट से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
रिपोर्ट की मुख्य बातें
हमले की तारीख और नुकसान: दिल्ली के लाल किले के सामने 10 नवंबर 2025 को एक कार में भीषण बम धमाका हुआ था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी।
आत्मघाती हमलावर: कार चला रहे मुख्य संदिग्ध की पहचान डॉ. उमर मोहम्मद (उमर नबी) के रूप में हुई थी, जिसकी धमाके में ही मौत हो गई थी। फरीदाबाद में विस्फोटक पकड़े जाने के बाद उसने घबराहट में आकर ब्लास्ट को अंजाम दे दिया था।
बदली हुई रणनीति: रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कायदा (AQIS) अब बड़े आतंकी दस्तों के बजाय छोटे और बिखरे हुए सेल्स (स्लीपर सेल्स) के जरिए अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है।
बांग्लादेश में नेटवर्क की आशंका: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यह आतंकी संगठन बांग्लादेश में अपने छोटे समूह बनाने और पैर पसारने की फिराक में है।
एजेंसियों के आकलनों में अंतर: इससे पहले फरवरी में आई संयुक्त राष्ट्र की 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने इस हमले को जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जोड़ा था। वहीं, भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच इस हमले के तार अल-कायदा से जुड़े 'अंसार गज़वत-उल-हिंद' (AGuH) नेटवर्क से जोड़कर देख रही
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