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'उत्तर प्रदेश उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा नियमावली-2026' को मंजूरी: उत्तर प्रदेश सरकार

10 याअधिक कर्मचारियों वाले   प्रतिष्ठानों में काम करने वाले  श्रमिक को लिखित नियुक्ति पत्र  देना अनिवार्य होगा।
बिना बताए अचानक काम से निकाल देने या उनके अधिकारों का हनन करने की मनमानी पर रोक
सभी पात्र श्रमिकों के लिए हर साल नियोक्ता  के खर्च पर मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण  कराना अनिवार्य
महिलाएं  मर्जी  से रात्रिकालीन पाली में काम कर सकेंगी, बशर्ते नियोक्ता उनकी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करे।
कानपुर:25 अगस्त 2026
लखनऊ:25 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'उत्तर प्रदेश उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा नियमावली-2026' को मंजूरी देने से प्रदेश के करोड़ों श्रमिकों को सीधा कानूनी संरक्षण, रोजगार सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पारित इस ऐतिहासिक निर्णय से संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों के जीवन में बड़ा सुधार आएगा।
श्रमिकों पर पड़ने वाले मुख्य सकारात्मक प्रभाव निम्नलिखित हैं:
 रोजगार को औपचारिकता और कानूनी सुरक्षाअनिवार्य लिखित नियुक्ति पत्र: अब 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी कारखानों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले हर श्रमिक को लिखित नियुक्ति पत्र  देना अनिवार्य होगा।
शोषण से मुक्ति: नियुक्ति पत्र मिलने से नियोक्ताओं द्वारा श्रमिकों को बिना बताए अचानक काम से निकाल देने या उनके अधिकारों का हनन करने की मनमानी पर रोक लगेगी। 
नोट: फिलहाल घरेलू और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों  इस दायरे से बाहर रखा गया है।
स्वास्थ्य सुरक्षा और मुफ्त चिकित्सा जांचवार्षिक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच: सभी पात्र श्रमिकों के लिए हर साल नियोक्ता (मालिक) के खर्च पर मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण (Free Annual Health Checkup) कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
सुरक्षित कार्यस्थल: फैक्ट्रियों और व्यावसायिक स्थलों पर श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना और कार्यस्थल से जुड़े जोखिमों का आकलन करना अब मालिक की जिम्मेदारी होगी।
कार्यस्थल पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं
नए नियमों के तहत नियोक्ताओं को  श्रमिकों को निम्नलिखित बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी: शुद्ध और पर्याप्त पीने का पानी
महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय व स्नानघर
विश्राम के लिए रेस्ट रूम और बड़े संस्थानों में कैंटीन की व्यवस्था
अचानक बीमारी या दुर्घटना के लिए प्राथमिक उपचार (First Aid) किट 
महिला श्रमिकों और संविदा कर्मचारियों के लिए राहतमहिला सुरक्षा के साथ नाइट शिफ्ट: महिलाएं अब अपनी मर्जी और सहमति से रात्रिकालीन पाली में काम कर सकेंगी, बशर्ते नियोक्ता  पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करे।
ठेकेदारी प्रथा पर लगाम: किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान की मुख्य गतिविधि (Core Activity) में संविदा (Contract) श्रमिकों के नियोजन पर कड़ा प्रतिबंध लगाया गया है।

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