निजी खनन कंपनी ने 'आईटी कंसल्टेंसी' की आड़ में वीना विजयन को ₹2.78 करोड़ का संदिग्ध भुगतान
शुरुआत सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस की शिकायत और आयकर निपटान बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर
केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (KSIDC) की भी CMRL में 13.4% से अधिक की हिस्सेदारी
मामला राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील
नई दिल्ली: 16 अगस्त 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के बहुचर्चित CMRL मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राज्य के आठ अलग-अलग स्थानों पर नए सिरे से छापेमारी की है। यह पूरी कार्रवाई केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीना विजयन और उनकी बंद हो चुकी आईटी कंपनी 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस' (Exalogic Solutions) से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर की जा रही है।
इस मामले से जुड़े मुख्य बिंदु और आरोप इस प्रकार हैं:
फर्जी भुगतान का आरोप: ईडी इस बात की जांच कर रही है कि निजी खनन कंपनी 'कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड' (CMRL) ने 'आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं' की आड़ में वीना विजयन की कंपनी को ₹2.78 करोड़ का संदिग्ध भुगतान किया था। आरोप है कि इस भुगतान के बदले में एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस द्वारा कोई भी सेवा प्रदान नहीं की गई थी।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई: इससे पहले जून 2026 में भी केंद्रीय जांच एजेंसी ने तिरुवनंतपुरम में विजयन के किराए के आवास सहित वीना से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी और इसके बाद कोच्चि के जोनल ऑफिस में उनसे करीब 8.5 घंटे तक पूछताछ की जा चुकी है।
मामले की पृष्ठभूमि: यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज है। इसकी शुरुआत कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) की शिकायत और आयकर अंतरिम निपटान बोर्ड (ITSIB) की रिपोर्ट के आधार पर हुई थी, जिसमें बिना किसी सेवा के मासिक भुगतान किए जाने की बात सामने आई थी।
कंपनी की हिस्सेदारी: इस मामले में केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (KSIDC) की भी CMRL में 13.4% से अधिक की हिस्सेदारी है, जिसके कारण मामला राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील बन गया है।
ईडी द्वारा आज की गई यह ताजा छापेमारी (18 अगस्त 2026) इस मामले में सबूतों को और मजबूत करने तथा वित्तीय हेरफेर के स्रोतों का पता लगाने के उद्देश्य से की गई है।
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