ज्योतिषविदों के अनुसार यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा
भारत में दृश्यमान न होने के कारण यहाँ इसका सूतक काल मान्य नहीं
बहनें बिना किसी डर या बाधा के अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकती हैं।
रक्षाबंधन 2026 पर बहन और बुआ के कारक माने जाने वाले बुध ग्रह (Mercury) अस्त अवस्था में रहेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन बुध ग्रह सूर्य के अत्यंत निकट होने के कारण अपनी चमक और सकारात्मक प्रभाव खो देंगे (अस्त हो जाएंगे)। घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका राखी बांधने के शुभ मुहूर्त या त्योहार की खुशियों पर कोई सीधा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
बुध ग्रह का अस्त होना: त्योहार के दौरान बुध ग्रह अस्त रहेंगे, जिसके कारण कुछ राशियों के जातकों को अपनी बातचीत (वाणी) में थोड़ी सावधानी रखनी होगी ताकि भाई-बहन के रिश्ते में कोई गलतफहमी न हो।
तीन ग्रहों की वक्री चाल: इस दिन शनि, राहु और केतु वक्री (उल्टी) चाल चलेंगे।
बुधादित्य योग: एक तरफ जहाँ बुध अस्त हैं, वहीं दूसरी तरफ सूर्य अपनी ही राशि (सिंह) में बैठकर बुध के साथ बुधादित्य योग का निर्माण भी कर रहे हैं, जो कई राशियों के लिए भाग्यशाली रहेगा।
प्रातः काल का मुख्य मुहूर्त: सुबह 05:57 AM से सुबह 09:48 AM तक (अवधि: 3 घंटे 51 मिनट)
अभिजीत/दोपहर का मुहूर्त (वैकल्पिक): दोपहर 01:52 PM से शाम 04:35 PM तक
वर्जित समय (राहुकाल): सुबह 10:46 AM से दोपहर 12:22 PM तक (इस समय राखी न बांधें)
क्या न दें: इस दिन बहनों को राहु-केतु या शनि से संबंधित वस्तुएं जैसे लोहे का सामान, नुकीली चीजें, शीशा , या एल्युमिनियम के बर्तन गिफ्ट में देने से बचें।क्या देना रहेगा शुभ: आप अपनी बहन को वस्त्र, आभूषण, किताबें, या उनकी पसंद की कोई भी सकारात्मक वस्तु भेंट कर सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, और बहन-बुआ-मौसी का प्रतीक माना जाता है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ग्रहों की इस स्थिति और त्योहार के शुभ मुहूर्त से जुड़ी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
रक्षाबंधन 2026: ग्रहों की चाल का समीकरण
राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त
इस साल रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन सबसे अच्छी बात यह है कि भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा, जिससे सुबह का पूरा समय पूरी तरह शुभ और दोषमुक्त रहेगा।
चंद्र ग्रहण का साया और उसका सच
रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, लेकिन ज्योतिषविदों के अनुसार यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में दृश्यमान न होने के कारण यहाँ इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा, इसलिए बहनें बिना किसी डर या बाधा के अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकती हैं।
बहन को उपहार देते समय रखें इन बातों का ध्यान
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चूंकि बुध अस्त हैं और शनि-राहु वक्री हैं, इसलिए भाई अपनी बहनों को उपहार देते समय कुछ विशेष सावधानियां बरत सकते हैं:
क्या न दें: इस दिन बहनों को राहु-केतु या शनि से संबंधित वस्तुएं जैसे लोहे का सामान, नुकीली चीजें, शीशा (Mirror), या एल्युमिनियम के बर्तन गिफ्ट में देने से बचें।
क्या देना रहेगा शुभ: आप अपनी बहन को वस्त्र, आभूषण, किताबें, या उनकी पसंद की कोई भी सकारात्मक वस्तु भेंट कर सकते हैं।
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