खुद को पुलिस या अपराध शाखा के अधिकारी बता डरा-धमकाकर पैसे वसूलते
ठग फोन कॉल करके लोगों को अश्लील सामग्री देखने का आरोप लगाते
पैसे की मांग करते ताकि उन्हें गिरफ्तारी से बचाया जा सके।
आमतौर पर सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10:00 से शाम 5:00 बजे तक सक्रिय रहते
कानपुर: 25 जनवरी 2026
कानपुर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया गया, जो खुद को पुलिस या अपराध शाखा के अधिकारी बताकर लोगों को डरा-धमकाकर पैसे वसूलते थे। इस गिरोह ने अत्यंत चतुराई से भरी हुई तकनीक अपनाई थी। ठग फोन कॉल करके लोगों को अश्लील सामग्री देखने का आरोप लगाते थे और उनसे पैसे की मांग करते थे ताकि उन्हें गिरफ्तारी से बचाया जा सके।
गिरोह अपने कार्यों को अंजाम देने के लिए कानपुर देहात क्षेत्र में एक सुनसान स्थान का प्रयोग किया, जहाँ से उन्होंने कॉल किए। आरोपियों ने यह सुनिश्चित किया कि उनकी कॉल की आवाज़ पूरी तरह से कानपुर से मेल खाती हो, जिससे लोगों को लगता था कि वे सच में पुलिस से बात कर रहे हैं। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) अतुल श्रीवास्तव के अनुसार ये आमतौर पर सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10:00 से शाम 5:00 बजे तक सक्रिय रहते थे।
पुलिस ने गिरोह के पास से कई मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और एटीएम कार्ड जब्त किए हैं, साथ ही 8 लाख रुपये के लगभग फ्रीज किए गए खाते भी मिलें हैं। ठगों का कहना था कि अगर पीड़ित अदालती कार्रवाई से बचना चाहते हैं, तो उन्हें तत्काल पैसे भेजने होंगे।
पुलिस की कार्रवाई में गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और वे अब न्यायालय में पेश किए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं। यह घटनाक्रम साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस द्वारा की जा रही कठोर कार्रवाई का एक उदाहरण है, जिसमें उनकी सख्त दिशा-निर्देश और जन जागरूकता अभियान एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को धोखा देने का प्रयास कर रहे हैं, और इसी कारण से लोगों को ऐसे संदिग्ध कॉलों के प्रति सजग रहना चाहिए और तत्काल पुलिस से संपर्क करना चाहिए।


0 Comments