भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के खिलाफ: मंगलवार के दौरान ₹91.70/$ तक पहुंच गया

सोमवार को के 90.90/$ के मुकाबले 8 पैसे की गिरावट
विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली ने रुपया कमजोर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने की फिर से धमकी
वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती तो यह 91.70 से 92.00 के स्तर की ओर बढ़ सकता है
कानपुर: 21 जनवरी 2026
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के खिलाफ कमजोरी का सामना कर रहा है। मंगलवार को, रुपया 90.98/$ के स्तर पर पहुंच गया, जो कि सोमवार को के 90.90/$ के मुकाबले 8 पैसे की गिरावट दर्शाता है। वहीं, मंगलवार के दौरान यह ₹91.70/$ तक भी पहुंच गया।
गिरावट के कारण
विदेशी पूंजी की निकासी: विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली ने रुपया कमजोर किया है। जनवरी 2026 में, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से ₹29,315 करोड़ रुपये से अधिक का शेयर बेचा है।
भू-राजनैतिक तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने की फिर से धमकी और यूरोप में बढ़ते विवादों ने वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को बढ़ाया है, जिससे रूपये पर दबाव बना है।
आर्थिक संकेतक: अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रिपोर्ट किए गए मजबूत संकेतकों ने डॉलर की मजबूती में योगदान दिया है, जिससे अन्य मुद्राएं, विशेषकर उभरती बाजारों की मुद्राएं, कमजोर हुई हैं।
पूर्वानुमान
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है और रुपये ने 91.07 के स्तर को पार किया, तो यह 91.70 से 92.00 के स्तर की ओर बढ़ सकता है,।
निवेशकों की निगाहें वैश्विक घटनाक्रम और आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप पर हैं, जो रुपये की स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।

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