- OMR शीट घोटाले से शिक्षा प्रणाली में गंभीर सवाल
- परीक्षा परिणामों में विसंगतियों की मौजूदगी।
- कुछ छात्रों के अंकों में 150+ की वृद्धि हुई, जबकि अंक घटने चाहिए
- प्रश्न उठते हैं कि यह कैसे संभव है।
- ऐसे घोटाले बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव
- छात्रों और परिवारों के बीच शिक्षा संस्थानों पर विश्वास का संकट: निराशा बढ़ रही है।
- उचित कार्रवाई के लिए घोटाले की गहनता को समझना आवश्यक
कानपुर: 19 जनवरी 2026
- भर्ती बोर्ड की कड़ी सुरक्षा के बावजूद, ओएमआर शीट्स का डेटा कैसे बदला जा रहा है?
- परीक्षा संस्थाएं, जो ओएमआर शीट की जांच का ठेका देती हैं, उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त जवाबदेह हैं?
- क्या परीक्षा के बाद, उम्मीदवार को अपनी 'स्टूडेंट कॉपी' का मूल OMR के साथ मिलान करने का मौका मिलना चाहिए?
- इन चिंताओं के कारण, अब बायोमेट्रिक सिस्टम, जैमर, हर केंद्र पर वीडियोग्राफी और ओएमआर की कार्बन कॉपी (Student Copy) की मांग उठ रही है ताकि सिस्टम में विश्वास बना रहे।
OMR (Optical Mark Recognition) शीट घोटाले ने शिक्षा प्रणाली में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा परिणामों में हुई विसंगतियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रक्रिया में क्या गलत हो सकता है।
संख्याओं में असंगतता: रिपोर्ट्स के अनुसार, जहां 38 छात्रों के अंक घटने चाहिए थे, वहीं कुछ छात्रों के अंकों में 150 से अधिक की वृद्धि हुई है। यह बात स्पष्ट रूप से कठिनाई में डालने वाली है कि कैसे ऐसी अंतरंग और व्यापक उतार-चढ़ाव संभव हो सकते हैं.
शिक्षा प्रणाली का भटकाव: इस प्रकार के घोटाले बच्चों की पढ़ाई के साथ गंभीर हानिकारक भेदभाव करते हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगता है और छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
आपसी विश्वास का संकट: शिक्षा संस्थानों पर बढ़ती अनिश्चितताओं के कारण छात्रों और उनके परिवारों में अपार निराशा और असंतोष प्रकट हो रहा है। यह एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है कि भविष्य की परीक्षा प्रणालियों में पारदर्शिता बढ़ाई जाए.
इस घोटाले की गहनता को समझने के लिए और भी पर्याप्त जानकारी की आवश्यक है, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। यह छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो, और उन्हें शिक्षा के माध्यम से सही दिशा मिले।
संख्याओं में असंगतता: रिपोर्ट्स के अनुसार, जहां 38 छात्रों के अंक घटने चाहिए थे, वहीं कुछ छात्रों के अंकों में 150 से अधिक की वृद्धि हुई है। यह बात स्पष्ट रूप से कठिनाई में डालने वाली है कि कैसे ऐसी अंतरंग और व्यापक उतार-चढ़ाव संभव हो सकते हैं.
शिक्षा प्रणाली का भटकाव: इस प्रकार के घोटाले बच्चों की पढ़ाई के साथ गंभीर हानिकारक भेदभाव करते हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगता है और छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
आपसी विश्वास का संकट: शिक्षा संस्थानों पर बढ़ती अनिश्चितताओं के कारण छात्रों और उनके परिवारों में अपार निराशा और असंतोष प्रकट हो रहा है। यह एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है कि भविष्य की परीक्षा प्रणालियों में पारदर्शिता बढ़ाई जाए.
इस घोटाले की गहनता को समझने के लिए और भी पर्याप्त जानकारी की आवश्यक है, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। यह छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो, और उन्हें शिक्षा के माध्यम से सही दिशा मिले।
सोशल मीडिया पोस्ट से
आलोक राज जी…..
@alokrajRSSB आपने चेयरमैन की कुर्सी पर बैठते समय कहा था… बिना पक्षपात के भर्तियाँ होगी… केवल योग्य अभ्यर्थी ही चयनित होगे… आज आप OMR शीट के फ़र्ज़ीवाडे पर क्या कहना चाहेंगे…?? #चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला #OMR_का_खेल_बंद_करोPadam Singhपदम सिंह @journalistpadam · 1h
OMR शीट घोटाला गंभीर सवाल खड़े करता है----- जहाँ 38 लोगों के नंबर घटने चाहिए थे? वहीं कुछ के माइनस मार्क्स से सीधे 150+ नंबर कैसे बढ़ गए? यह बच्चों की पढ़ाई के साथ होरहाखिलवाड़----
Sejal_Voice@SejalVoice ·5h
बेशक विद्या सभी धनों में प्रधान है, पर पेपर लीक कराने के मामले में आज भी " धन " ही प्रधान है।
शिक्षकों की आवाज़ @special_cwsn ·6h
लोगों की गिरफ्तारी जिसमें 2 RSSB BOARD में कार्यरत संजय माथुर - तत्कालीन उप निदेशक (सिस्टम एनालिस्ट), RSSB, जयपुर प्रवीण गंगवाल - प्रोग्रामर, RSSB ,
Manakdeep Singh Kharaud @Iam_MKharaud · 4h
लीक सिर्फ़ पेपर नहीं होता, बल्कि लाखों परिश्रमी छात्रों के भविष्य के सुनहरे सपने भी उसी के साथ साथ खत्म हो जाते हैं। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड व संजय माथुर जैसे अधिकारियों को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का कोई हक नहीं है।
@alokrajRSSB #चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला
SARITA_BISHNOI@SARITA_BISHNOI2 · 5h
SOG ने आज इन लोगो को गिरफ्तार किया... शादान खान , विनोद कुमार गौड़ ,श्रीमती पूनम माथुर , संजय माथुर ,प्रवीण गंगवाल... यह लोग अभी भी चयन बोर्ड मे कार्यरत है... 4th Grade कट-ऑफ हाई जाने का कारण यह लोग है... #चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला
Team Lokesh Sharma@_Team_LS ·6h
OMR बदलने, पेपर आउट, नकल और ‘अपना आदमी’ जैसे फर्जीवाड़ों के माध्यम से पिछले कई वर्षों से लाखों पढ़ने वाले युवाओं का भविष्य बर्बाद किया गया है। जिन घोटालों का अब पर्दाफाश हो रहा है, वे तो मात्र सैंपल हैं।
@_lokeshsharma #चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला
ओमप्रकाश खीचड़ बीकानेरी@Omrlp07 ·6h
हमारे तो 150 का 135 कर देते हैं और अंदर लोगों के 35 का 191 बढ़ा देते हैं गजब आपके खेल खेला जा रहा है #चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला


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