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कैप्टन स्मित मच्छार की अद्वितीय बहादुरी और जांबाजी को पूरी दुनिया सलाम और प्रशंसा कर रही है ।

33,000 फीट की ऊंचाई पर जब सह-पायलट ने हिंसक हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश
अत्यधिक खून बह जाने और बेहद नाजुक स्थिति में कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया
क्रू मेंबर्स और यात्रियों को हमलावर काबू कर 174 यात्रियों (जिसमें 27 बच्चे) की जान बचाई

कानपुर: 01 अक्टूबर 2026
दुबई: 01 अक्टूबर 2026
कैप्टन स्मित मच्छार की इस अद्वितीय बहादुरी और जांबाजी को पूरे देश के साथ-साथ आज पूरी दुनिया सलाम कर रही है। 30 सितंबर 2026 को फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ1073 (दुबई से तेल अवीव) के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह किसी चमत्कार से कम नहीं था।
हवा में 33,000 फीट की ऊंचाई पर जब सह-पायलट ने हिंसक हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश की, तब कैप्टन स्मित ने सिर और हाथ पर चाकू के गहरे घाव लगने के बाद भी हार नहीं मानी। अत्यधिक खून बह जाने और बेहद नाजुक स्थिति होने के बावजूद उन्होंने असाधारण मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे क्रू मेंबर्स और यात्रियों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली और 174 यात्रियों (जिसमें 27 बच्चे भी शामिल थे) की जान बचाई जा सकी।
कैप्टन स्मित मच्छार के इस शौर्य की गाथा के बारे में मुख्य बिंदु:
वैश्विक नेताओं द्वारा सराहना: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैप्टन स्मित को एक "सच्चा हीरो" (True Hero) बताते हुए उनकी अद्भुत सूझबूझ की सराहना की है। इजरायली पीएम ने तो यहाँ तक कहा कि भारतीय पायलट ने हवा में एक बहुत बड़े '9/11' जैसे हादसे को टाल दिया।
भारत मंडपम में पीएम मोदी का संबोधन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीएससी के 100 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम में कैप्टन स्मित के पराक्रम का विशेष उल्लेख किया और बताया कि उन्होंने पायलट के परिवार से बात कर पूरे देश की तरफ से उनके दीर्घायु होने की कामना की है।
सम्मान की घोषणा: मूल रूप से मुंबई (घाटकोपर) के रहने वाले और स्पाइसजेट के पूर्व सीनियर कमांडर कैप्टन स्मित की इस बहादुरी के लिए गुजरात सरकार ने उन्हें 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' देने का एलान किया है।
हेल्थ अपडेट: सऊदी अरब के तबूक अस्पताल में सफल सर्जरी के बाद उन्हें यूएई (अबू धाबी) एयरलिफ्ट किया गया है। संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने उनसे व उनके परिवार से मुलाकात की और बताया कि कैप्टन स्मित की हालत अब बिल्कुल स्थिर है, वे तेजी से रिकवर कर रहे हैं और उनका मनोबल बेहद ऊंचा है।
संकट के समय कर्तव्य को सर्वोपरि रखने वाले भारत के इस जांबाज बेटे पर हर देशवासी को गर्व है।

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