तेजस्वी और ममता बनर्जी ने किया दावा बिहार व पश्चिम बंगाल में 'वोट चोरी' के सहारे सरकार
विपक्ष: विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिए लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं
कानपुर:30 सितम्बर 2026
नई दिल्ली:30 सितम्बर 2026
नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित INDIA ब्लॉक की बैठक में विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे आरोप लगाए हैं.
बैठक में हुए घटनाक्रम और लगाए गए आरोपों की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
वोट चोरी और लूट का आरोप: अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार और पश्चिम बंगाल सहित मध्य प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ में 'वोट चोरी' करके चुनाव जीते हैं. उन्होंने दावा किया कि बंगाल चुनाव में पूरी लूट की गई, ईवीएम (EVM) मशीनों को हाईजैक किया गया और सबूत मिटाने के लिए मशीनें तक जला दी गईं.तेजस्वी यादव का बयान: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी ममता बनर्जी के सुर में सुर मिलाते हुए दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में 'वोट चोरी' के सहारे सरकार बनाई गई है. उन्होंने दोनों राज्यों में बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराने की मांग की.
मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला: ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को कड़े शब्दों में 'चोर और डाकू' कहते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की. विपक्ष ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के जरिए लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं.
विपक्ष का आगामी कदम: चुनाव आयोग के इस रवैये और कथित गड़बड़ियों के खिलाफ INDIA गठबंधन के दलों ने 6 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयोग का घेराव करने का फैसला किया है. विपक्ष संसद में CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर अड़ा हुआ है.
चुनाव आयोग का रुख: दूसरी तरफ, चुनाव आयोग ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूची में सुधार और निर्णय लेने की पूरी प्रक्रिया स्थापित वैधानिक और पारदर्शी नियमों के तहत की जाती है.x
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