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दिल्ली INDIA गठबंधन महामंथन बैठक: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 2 से 8 अक्टूबर, 2026 तक देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' और आगामी दो महीनों में पांच बड़ी रैलियां करने का आधिकारिक ऐलान

 केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ इस बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार 
सभी जिलों मेंमजिस्ट्रेट कार्यालयों के बाहर 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' और धरना प्रदर्शन आयोजित 
कानपुर: 01 अक्टूबर 2026
नई दिल्ली: 01 अक्टूबर 2026
दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की महामंथन बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 2 से 8 अक्टूबर, 2026 तक देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' (Save Democracy March) और आगामी दो महीनों में पांच बड़ी रैलियां करने का आधिकारिक ऐलान किया है। विपक्षी दलों ने कथित 'वोट चोरी', विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में विसंगतियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली को लेकर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ इस बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। 
विपक्ष के इस देशव्यापी आंदोलन का पूरा कार्यक्रम और मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
 INDIA गठबंधन का आंदोलन कार्यक्रम (अक्टूबर - नवंबर 2026)2 से 8 अक्टूबर: देश के सभी जिलों में जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालयों के बाहर 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' और धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। 6 अक्टूबर: INDIA गठबंधन के सभी विपक्षी सांसद नई दिल्ली में चुनाव आयोग (EC) दफ्तर तक मार्च निकालेंगे। 
अक्टूबर का दूसरा हफ़्ता: विपक्षी दलों के प्रमुख नेता भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगेंगे और उनके समक्ष संवैधानिक बाधाओं व चुनावी गड़बड़ियों का ज्ञापन सौंपेंगे। 
अक्टूबर और नवंबर: देश के अलग-अलग हिस्सों में 5 बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी, जिनके समय और स्थान की घोषणा जल्द की जाएगी। 
1 नवंबर: दिल्ली में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से 'वोट चोरी' के मुद्दों को जनता के सामने रखा जाएगा। 
 विपक्ष की मुख्य मांगें और रणनीतियां मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा: विपक्ष का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं, इसलिए उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है।
बैलेट पेपर से चुनाव की मांग: मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष मांग करेगा कि आगामी सभी चुनाव ईवीएम (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से कराए जाएं।
सुप्रीम कोर्ट में अपील: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े सभी लंबित मामलों की जल्द सुनवाई के लिए विपक्ष सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा।
पुरानी मतदाता सूची का उपयोग: गठबंधन का जोर है कि भावी चुनावों में SIR प्रक्रिया से पहले तैयार की गई मतदाता सूचियों का ही इस्तेमाल किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। 
30 सितंबर 2026 को करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस उच्च स्तरीय बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला समेत 19 से अधिक दलों के नेता प्रत्यक्ष व ऑनलाइन माध्यम (जैसे उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन) से शामिल हुए और एकजुट होकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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