अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
फर्जी पहचान का पर्दाफाश असली पहचान (नवप्रीत सिंह) को उजागर
सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर नार्को-कार्टेल को पूरी तरह नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध
नई दिल्ली: 03 अक्टूबर 2026
भारत सरकार ने तुर्किये (तुर्की) से कुख्यात नार्को-तस्कर (ड्रग्स किंगपिन) नवप्रीत सिंह उर्फ नव भुल्लर को प्रत्यर्पित/डिपोर्ट कराकर भारत वापस लाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करके इसे मोदी सरकार की एक 'ऐतिहासिक उपलब्धि' बताया है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:फर्जी पहचान से ली थी नागरिकता: नवप्रीत सिंह कानून की नजरों से बचने के लिए तुर्किये में छिपकर रह रहा था। उसने वहाँ 'नवाब विर्क' के नाम से फर्जी पहचान बनाई थी और इसी झूठी पहचान के आधार पर उसने तुर्किये की नागरिकता भी हासिल कर ली थी।
अंतरराष्ट्रीय नार्को नेटवर्क: नवप्रीत सिंह अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन जैसे घातक नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
भारतीय एजेंसियों की मुस्तैदी: भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने गहराई से जांच करते हुए उसकी फर्जी पहचान का पर्दाफाश किया और उसकी असली पहचान (नवप्रीत सिंह) को उजागर करके तुर्किये सरकार से उसे डिपोर्ट कराया।
जेल भेजा गया: भारत वापस लाए जाने के बाद नवप्रीत सिंह को ड्रग्स तस्करी और अन्य संबंधित अपराधों के मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
दिसंबर 2029 का लक्ष्य: इस बड़ी सफलता पर सुरक्षा एजेंसियों को बधाई देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने दोहराया कि मोदी सरकार दिसंबर 2029 से पहले देश के हर नार्को-कार्टेल (नशीले पदार्थों के गिरोह) को पूरी तरह नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह कार्रवाई विदेशों से नार्को-नेटवर्क चलाने वाले अपराधियों के खिलाफ भारतीय एजेंसियों के चल रहे सख्त अभियान का एक हिस्सा है।
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