Todaytelecast

Todaytelecast

Breaking

Monday, February 3, 2025

विश्व चैंपियन डी गुकेश को टाई-ब्रेकर में हरा आर प्रज्ञानंदधा ने टाटा स्टील शतरंज मास्टर्स जीता क्रिकेट समीक्षक व शतरंज सलाहकार सुर्यांश स्वरुप शुक्ल व आर वैशाली के अनुसार प्रज्ञानंदधा की जीत यात्रा भविष्य में भारतीय शतरंज की सफलता की ऊँचाइयों को निश्चित प्राप्त करेगी ।

 

आर प्रज्ञानंदधा ने टाटा स्टील शतरंज मास्टर्स जीता
विश्व चैंपियन डी गुकेश को टाई-ब्रेकर में हराया
2006 में विश्वनाथन आनंद के बाद टाटा स्टील मास्टर्स  पुरस्कार जीतने वाले भारतीय
प्रज्ञानंदधा की जीत यात्रा भविष्य में ऊँचाइयों को निश्चित प्राप्त करेगी
शतरंज सलाहकार सुर्यांश स्वरुप शुक्ल व आर वैशाली।



कानपुर 3 फरवरी, 2025
नीदरलैंड के विज्क आन ज़ी 2 फरवरी 2025 रविवार को नीदरलैंड के विज्क आन ज़ी में रोमांचक टाईब्रेक में वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को हराकर टाटा स्टील मास्टर्स 2025 जीत प्राप्त की है. प्रज्ञानंदधा 2006 में विश्वनाथन आनंद के बाद टाटा स्टील मास्टर्स में टॉप पुरस्कार जीतने वाले भारतीय हैं । अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने में प्रज्ञानंदधा के साथ भारतीय शतरंज के लिए भी गर्व है।
युवा और प्रतिभाशाली शतरंज खिलाड़ी प्रज्ञानंदधा ने में अद्भुत कौशल और रणनीतिक सोच से विभिन्न राउंड में अपने प्रतिस्पर्धियों को मात देकर फाइनल में अपनी जगह बनाई। उन्होंने खेल की तकनीकी दक्षता मानसिक दृढ़ता और सामरिक चतुराई का परिचय दिया।
फाइनल में डी गुकेश के साथ बौद्धिक कौशल और प्रतिस्पर्धा का मुकाबला प्रस्तुत कर टाई-ब्रेकर में दोनों खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल दिखाया, लेकिन अंततः प्रज्ञानंदधा ने अपनी सोच और रणनीति से बाजी जीत ली। इस जीत ने उन्हें टाइटल दिला यह साबित किया कि युवा खिलाड़ी बड़े मंचों पर वरिष्ठ प्रतिस्पर्धियों से जीतने की क्षमता रखते हैं।
यह सफलता व्यक्तिगत जीत के साथ भारत में शतरंज की बढ़ती लोकप्रियता और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संकेत है। प्रज्ञानंदधा की उपलब्धि उनके समर्पण और मेहनत के साथ नए खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी कि वे अपने लक्ष्यों के लिए कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें।
क्रिकेट समीक्षक व शतरंज सलाहकार सुर्यांश स्वरुप शुक्ल व आर वैशाली के अनुसार आर प्रज्ञानंदधा की टाटा स्टील शतरंज मास्टर्स में जीत भारतीय शतरंज के इतिहास में महत्वपूर्ण अध्याय है प्रतियोगिता ने उन्हें शतरंज की दुनिया में स्थापित कर नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरणा है। प्रज्ञानंदधा की जीत यात्रा भविष्य में भारतीय शतरंज की सफलता की ऊँचाइयों को निश्चित प्राप्त करेगी ।

No comments:

Post a Comment