त्योहार धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को सूत्र में पिरोने और कला के सम्मान का माध्यम भी
विजयादशमी महोत्सव 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित
10 दिनों तक चलने वाले उत्सव में भव्य सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का मंचन किया जाएगा।
कानपुर में 110 फीट ऊँचा रावण का पुतला तैयार होना और इसे मुस्लिम कारीगरों द्वारा बनाया जाना हमारे देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द की एक बेहतरीन मिसाल है। त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने और कला के सम्मान का माध्यम भी हैं।
भव्य 110 फीट ऊँचा रावण का पुतला कानपुर के प्रसिद्ध परेड मैदान (रामलीला मैदान, परेड) में स्थापित किया गया है।
परेड मैदान में होने वाली रामलीला और दशहरा उत्सव कानपुर का सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक आयोजन माना जाता है।
यहाँ के आयोजन की कुछ खास विशेषताएँ:मुख्य पुतले: 110 फीट के रावण के अलावा यहाँ कुंभकर्ण और मेघनाद के भी 80-80 फीट ऊंचे पुतले तैयार किए जा रहे हैं।
विशेष तकनीक: इस बार रावण का सिर 180 डिग्री तक दाएं-बाएं घूमेगा और आँखों व मुँह से प्रतीकात्मक अंगारे और फूल निकलेंगे।
भव्य लंका: पुतला दहन के लिए करीब 30 फीट ऊंची और 100 फीट चौड़ी प्रतीकात्मक लंका भी बनाई जा रही है।
कानपुर के ऐतिहासिक परेड मैदान (श्री रामलीला सोसाइटी, परेड) में इस वर्ष का विजयादशमी महोत्सव 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में कई भव्य सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का मंचन किया जाएगा।
मुख्य कार्यक्रमों की तिथियाँ और समय इस प्रकार हैं:
मुख्य कार्यक्रमों की समय-सारणी :
17 अक्टूबर 2026 (शाम): लंका दहन का कार्यक्रम होगा, जिसमें हनुमान जी द्वारा सोने की लंका को भस्म करने का भव्य दृश्य दिखाया जाएगा।
19 अक्टूबर 2026 (शाम): मेघनाद वध प्रसंग का मंचन किया जाएगा।
20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी - मुख्य दिन): इस दिन श्री राम-रावण महासंग्राम और रावण दहन का मुख्य आयोजन होगा।
रावण दहन का समय और मुख्य आकर्षण:
समय: मैदान में मेले और रामलीला के युद्ध मंचन की शुरुआत शाम 5:30 बजे से हो जाएगी, जिसके बाद रात में मुख्य पुतले का दहन और भव्य आतिशबाजी की जाएगी।
हाई-टेक रावण: इस बार का 110 फीट का पुतला पूरी तरह रिमोट कंट्रोल से संचालित होगा। दहन से पहले रावण का सिर 180 डिग्री घूमेगा और उसकी आँखों से अंगारे व मुँह से रंग-बिरंगे फूल बरसेंगे।
कानपुर में परेड ग्राउंड के अलावा भी कई ऐसे प्रमुख इलाके हैं जहाँ दशहरा (विजयादशमी - 20 अक्टूबर 2026) के दिन बेहद भव्य रावण दहन और मेलों का आयोजन किया जाता है। शास्त्री नगर और साकेत नगर सहित शहर के अन्य प्रमुख स्थलों के कार्यक्रमों का विवरण नीचे दिया गया है:
1. शास्त्री नगर (सेंट्रल पार्क / बड़ा पार्क)आयोजन: शास्त्री नगर के सेंट्रल पार्क (बड़ा पार्क) में हर साल शारदीय नवरात्रि के दौरान भव्य दुर्गा पूजा पंडाल और रामलीला मंचन का आयोजन किया जाता है।
पुतले की खासियत: यहाँ लगभग 60 से 70 फीट ऊँचा, 10 सिरों वाला पारंपरिक रावण का पुतला तैयार किया जाता है।
दहन का समय: 20 अक्टूबर 2026 को शाम 7:00 बजे से 8:30 बजे के बीच (सूर्यास्त के बाद राम-रावण युद्ध के अंतिम प्रसंग के बाद)।
2. साकेत नगर (रामलीला मैदान)आयोजन: दक्षिण कानपुर के निवासियों के लिए साकेत नगर का रावण दहन सबसे बड़ा आकर्षण होता है। यहाँ मैदान में बहुत बड़ा दशहरा मेला लगता है, जिसमें बच्चों के लिए झूले और चाट-पकौड़ी के ढेरों स्टॉल होते हैं।
दहन का समय: 20 अक्टूबर 2026 को रात 8:00 बजे के आसपास। आतिशबाजी प्रतियोगिता भी मुख्य आकर्षण होती है।
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