नई नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़कर 37
सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल स्वीकृत संख्या 38: केवल एक पद खाली
तीन नए न्यायाधीशों और उनके कार्यकाल का विवरण इस प्रकार है:
जस्टिस सुनीता अग्रवाल:
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय:
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह:
कानपुर: 01 अक्टूबर 2026
नयी दिल्ली:: 01 अक्टूबर 2026
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्य कांत ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित एक समारोह में तीन नए न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इन नई नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़कर 37 हो गई है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल स्वीकृत संख्या 38 है, जिसका मतलब है कि अब शीर्ष अदालत में केवल एक पद खाली रह गया है।
शपथ लेने वाले तीन नए न्यायाधीशों और उनके कार्यकाल का विवरण इस प्रकार है:
जस्टिस सुनीता अग्रवाल: सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति से पहले वह गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस थीं। उनके आने से सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है। वह 29 अप्रैल 2031 को सेवानिवृत्त होंगी।
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय: यह इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में सेवाएं दे रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में इनका कार्यकाल 15 जून 2030 तक रहेगा।
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह: सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत होने से पहले वह तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस थे। वह 6 जुलाई 2030 को सेवानिवृत्त होंगे।
इन तीनों न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश 28 सितंबर 2026 को CJI सूर्य कांत की अध्यक्षता वाले 5-सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी, जिसे केंद्र सरकार और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 अक्टूबर को अपनी मंजूरी दी थी।
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