भारत समाचार | @bstvlive ·
कानपुर: कानपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा
- पुलिस की घेराबंदी में 20 गिरफ्तार, 17 फरार
- रेऊना गांव बना साइबर ठगी का हॉटस्पॉट
- NCRB पोर्टल पर एरिया चिन्हित कर खुलासा
- 5 हजार की नौकरी छोड़ ठगी से कमा रहे थे लाखों
- खेतों में बैठकर चलाते थे ठगी का नेटवर्क
- महिलाओं को आगे रखकर बचने की चाल
- कई राज्यों से आईं 2 दर्जन से ज्यादा शिकायतें
- मोबाइल लोकेशन से गांव तक पहुंची पुलिस
- पुणे, गुजरात, तमिलनाडु में भी फैला नेटवर्क
- ठगों द्वारा 2 करोड़ रुपये की ठगी का अंदेशा
- रोज 150 कॉल, 15–20 लोग बनते थे शिकार
POLICE COMMISSIONERATE KANPUR NAGAR @kanpurnagarpol ·18h
एनसीआरपी पोर्टल के आधार पर चिन्हित साइबर फ्रॉड हॉटस्पॉट पर कार्यवाही... ▪️एनसीआरपी पोर्टल व प्रतिबिंब के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर क्षेत्र के कुछ गांवों को रेड/हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया, जहाँ से देश के विभिन्न राज्यों (कर्नाटक, झारखंड, बिहार, उड़ीसा, दिल्ली, पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर@kanpurnagarpol थाना रेउना, कमिश्नरेट कानपुर नगर ▪️दिनांक 07.04.2026 को चलाये जा रहे अभियान के तहत थाना रेउना पुलिस द्वारा 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में थाना साढ़, घाटमपुर, सजेती पुलिस टीम, क्राइम ब्रांच व साइबर टीम (दक्षिण जोन) का सहयोग रहा। ▪️गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 16 स्मार्ट मोबाइल फोन, 04 कीपैड फोन, 12 फर्जी आधार कार्ड, 01 एटीएम कार्ड व तलाशी में ₹4480 नकद बरामद हुए। ▪️अभियुक्त फर्जी सिम व मोबाइल नंबरों का उपयोग कर प्रधानमंत्री आवास योजना व पुलिस का भय दिखाकर ऑनलाइन ठगी करते थे। अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। @Uppolice @dcpskanpur
कानपुर:08 अप्रैल 2026
कानपुर में साइबर ठगी का एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस गिरोह को "मिनी जामताड़ा" के नाम से जाना गया, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक नागरिकों को ठगने में सक्रिय था। पुलिस ने इस अभियान में 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनसें कई मोबाइल फोन और धोखाधड़ी से जुड़े सबूत बरामद किए हैं।
पुलिस की कार्रवाई ड्रोन निगरानी और सटीक मुखबिरी के आधार पर की गई थी। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह गिरोह कानपुर के रेउना थाना क्षेत्र के एक छोटे से गाँव में सक्रिय था। गिरोह के लोग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को फंसाते थे और धोखाधड़ी के जरिए उनके बैंक खातों से पैसे चुराते थे। ठग सरकारी योजनाओं के लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों से व्यक्तिगत जानकारी हासिल करते थे।
गिरोह द्वारा एक से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की गई है और पुलिस को पिछले कुछ समय से एनसीआरबी पोर्टल पर यहां से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
गिरफ्तार आरोपी कई राज्यों से जुड़े हैं और इनमें कक्षाओं में औसत या निचले स्तर की शिक्षा प्राप्त व्यक्ति भी शामिल हैं। उन्होंने पहले मजदूरी का काम किया था और बाद में ठगी के धंधे में शामिल हो गए।
पुलिस का सीधा आरोप है कि ये ठग अपनी गतिविधियों को "जामताड़ा" शैली में संचालित करते थे, जिसमें लोगों को सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने के बहाने ठगी की जाती थी। इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि कानपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपनी कार्यप्रणाली में तकनीकी उन्नति की है और अब वे आधुनिक तकनीक का उपयोग करके प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं。
पुलिस की पूछताछ जारी है, और उम्मीद है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में सूचना सामने आएगी, जिससे और भी बड़े खुलासे होंगे।
एनसीआरपी पोर्टल के आधार पर चिन्हित साइबर फ्रॉड हॉटस्पॉट पर कार्यवाही... ▪️एनसीआरपी पोर्टल व प्रतिबिंब के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर क्षेत्र के कुछ गांवों को रेड/हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया, जहाँ से देश के विभिन्न राज्यों (कर्नाटक, झारखंड, बिहार, उड़ीसा, दिल्ली, पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर@kanpurnagarpol थाना रेउना, कमिश्नरेट कानपुर नगर ▪️दिनांक 07.04.2026 को चलाये जा रहे अभियान के तहत थाना रेउना पुलिस द्वारा 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में थाना साढ़, घाटमपुर, सजेती पुलिस टीम, क्राइम ब्रांच व साइबर टीम (दक्षिण जोन) का सहयोग रहा। ▪️गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 16 स्मार्ट मोबाइल फोन, 04 कीपैड फोन, 12 फर्जी आधार कार्ड, 01 एटीएम कार्ड व तलाशी में ₹4480 नकद बरामद हुए। ▪️अभियुक्त फर्जी सिम व मोबाइल नंबरों का उपयोग कर प्रधानमंत्री आवास योजना व पुलिस का भय दिखाकर ऑनलाइन ठगी करते थे। अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। @Uppolice @dcpskanpur
कानपुर:08 अप्रैल 2026
कानपुर में साइबर ठगी का एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस गिरोह को "मिनी जामताड़ा" के नाम से जाना गया, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक नागरिकों को ठगने में सक्रिय था। पुलिस ने इस अभियान में 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनसें कई मोबाइल फोन और धोखाधड़ी से जुड़े सबूत बरामद किए हैं।
पुलिस की कार्रवाई ड्रोन निगरानी और सटीक मुखबिरी के आधार पर की गई थी। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह गिरोह कानपुर के रेउना थाना क्षेत्र के एक छोटे से गाँव में सक्रिय था। गिरोह के लोग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को फंसाते थे और धोखाधड़ी के जरिए उनके बैंक खातों से पैसे चुराते थे। ठग सरकारी योजनाओं के लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों से व्यक्तिगत जानकारी हासिल करते थे।
गिरोह द्वारा एक से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की गई है और पुलिस को पिछले कुछ समय से एनसीआरबी पोर्टल पर यहां से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
गिरफ्तार आरोपी कई राज्यों से जुड़े हैं और इनमें कक्षाओं में औसत या निचले स्तर की शिक्षा प्राप्त व्यक्ति भी शामिल हैं। उन्होंने पहले मजदूरी का काम किया था और बाद में ठगी के धंधे में शामिल हो गए।
पुलिस का सीधा आरोप है कि ये ठग अपनी गतिविधियों को "जामताड़ा" शैली में संचालित करते थे, जिसमें लोगों को सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने के बहाने ठगी की जाती थी। इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि कानपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपनी कार्यप्रणाली में तकनीकी उन्नति की है और अब वे आधुनिक तकनीक का उपयोग करके प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं。
पुलिस की पूछताछ जारी है, और उम्मीद है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में सूचना सामने आएगी, जिससे और भी बड़े खुलासे होंगे।




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