सुनेत्रा पवार के दिल्ली में अमित शाह समेत कई सीनियर लीडर्स से मिलने की उम्मीद
महाराष्ट्र में बदल रहे पॉलिटिकल माहौल को देखते हुए यह मीटिंग अहम
चुनाव बिना किसी मुकाबले के हो, पक्का करने की कोशिशें चल रही हैं।
कानपुर:02 अप्रैल 2026
मुंबई शहर:02 अप्रैल 2026
बारामती उपचुनाव से पहले सुनेत्रा पवार का दिल्ली दौरा तेज़ पॉलिटिकल हलचल का संकेत है। 6 अप्रैल के नॉमिनेशन प्रोसेस की तैयारियों के बीच, चुनाव की स्ट्रैटेजी बनाने और बैलेंस बनाने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं।
महाराष्ट्र में बारामती उपचुनाव को लेकर पॉलिटिकल हलचल तेज़ हो गई है। NCP (अजीत पवार गुट) की प्रेसिडेंट सुनेत्रा पवार आज (1 अप्रैल) देर रात दिल्ली पहुंच रही हैं। वहां उनके कई बड़े पॉलिटिकल लीडर्स से मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे को बारामती उपचुनाव की स्ट्रैटेजी से जोड़ा जा रहा है।
सुनेत्रा पवार के दिल्ली में अमित शाह समेत कई सीनियर लीडर्स से मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इन मीटिंग्स में चुनावी माहौल, सपोर्ट और संभावित स्ट्रेटेजी पर चर्चा होगी। महाराष्ट्र में पहले से ही बदल रहे पॉलिटिकल माहौल को देखते हुए यह मीटिंग अहम मानी जा रही है।
सुनेत्रा पवार 6 अप्रैल को बारामती उपचुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन फाइल कर सकती हैं। पार्टी ने इसके लिए अंदरूनी तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव का अच्छा माहौल बनाने के लिए ऑर्गेनाइजेशनल लीडर्स और वर्कर्स को एक्टिव कर दिया गया है। नॉमिनेशन वाले दिन ताकत दिखाने के मकसद से लोकल लेवल पर मीटिंग्स और स्ट्रेटेजी बनाई जा रही हैं।
पॉलिटिकल गलियारों में यह भी चर्चा है कि यह चुनाव बिना किसी मुकाबले के हो, यह पक्का करने की कोशिशें चल रही हैं। इस सिलसिले में सुनेत्रा पवार कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मिल सकती हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स में एक बड़ा और दिलचस्प मोड़ हो सकता है।
बारामती सीट हमेशा से पवार परिवार का गढ़ मानी जाती रही है। इसलिए इस उपचुनाव पर न सिर्फ पूरे राज्य बल्कि देश भर की नज़र है। सुनेत्रा पवार की सक्रिय भागीदारी और दिल्ली दौरे से साफ संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में इस सीट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होगी।



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