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कानपुर कचहरी परिसर में प्रशिक्षु अधिवक्ता ने की आत्महत्या

पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या
अधिवक्ता ने व्हाट्सएप पर दो पन्नों का सुसाइड नोट भी पोस्ट किया
पिता पर बार-बार बेइज्जत करने और बात-बात पर पिटाई करने के आरोप भी लगाए
मां और बहन के प्रति प्रेम भी व्यक्त किया और मृत्यु के बाद उनके प्रति चिंता जताई
कानपुर: 23 अप्रैल 2026
दिनांक 23 अप्रैल 2026 को कानपुर कचहरी परिसर में एक प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना दोपहर में हुई, जब प्रियांशु ने अचानक छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस बल और अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच की। उस दौरान प्रियांशु ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक दो पन्नों का सुसाइड नोट भी पोस्ट किया था।
सुसाइड नोट का विवरण

प्रियांशु श्रीवास्तव के सुसाइड नोट में उन्होंने अपने पिता के प्रति कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जो उनके जीवन की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करते हैं। 23 वर्ष का यह युवा वकील कानपुर में अपने पिता के साथ वकालत करता था और उन्होंने आत्महत्या करने से पहले एक लंबा सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा और मानसिक यातनाओं का जिक्र किया है।
आरोपों की मुख्य बातें:
मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना:
प्रियांशु ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उन्हें 5-6 साल की उम्र से ही मानसिक यातनाएं मिलनी शुरू हो गई थीं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने फ्रिज में रखा आम का जूस पी लिया था, तब उनके पिता ने उन्हें निर्वस्त्र करके घर से बाहर निकाल दिया था।
उन्होंने अपने पिता पर बार-बार बेइज्जत करने और बात-बात पर पिटाई करने के आरोप भी लगाए।
आर्थिक और अध्ययन संबंधी दबाव:
प्रियांशु ने लिखा कि उनके पिता हमेशा उन पर अध्ययन के लिए अत्यधिक दबाव बनाते थे। अक्सर परीक्षा से एक दिन पहले उनकी तैयारी पूरी न होने पर भी उन पर हाथ उठाया जाता था।
उन्होंने सख्ती को नफरत में बदलने का संकेत भी दिया, और कहा कि यह मानसिक प्रताड़ना का एक रूप है जो सहन करने के लिए उन्हें अब और मजबूर नहीं कर सकता।
पारिवारिक संघर्ष:
प्रियांशु ने अपने पिता के प्रति अपनी बेबसी व्यक्त करते हुए लिखा, "पापा आपको जीत मुबारक... मैं हार गया"। उन्होंने अपनी मां और बहन के प्रति प्रेम भी व्यक्त किया और अपनी मृत्यु के बाद उनके प्रति चिंता जताई।
अंत में उन्होंने यह भी कहा कि उनके शव को उनके पिता नहीं छू सकें।
प्रियांशु के सुसाइड नोट ने न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष को उजागर किया, बल्कि पारिवारिक दबाव और भावनात्मक त्रासदियों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। यह घटना समाज में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर एक गहरा सवाल खड़ा करती है।
प्रियांशु के सुसाइड नोट में उसने अपने पिता राजेंद्र कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने लिखा कि वह मानसिक उत्पीड़न का शिकार रहा है और अपने पिता द्वारा दी गई डांट और बेइज्जती से दुखी होकर उसने यह कदम उठाया। उसके नोट में उल्लेख है कि उसका पिता उसे "नामर्द" और "हिजड़ा" जैसे अपमानजनक संबोधनों से बुलाते थे, जिससे वह अत्यंत मानसिक तनाव में था。
प्रियांशु ने लिखा कि उसने हमेशा परिवार के लिए मेहनत की, लेकिन अपने पिता की मानसिकता के चलते वह परेशान रहा। उसने यह भी कहा कि वह अपने परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहता था और अपनी मां से प्यार व्यक्त किया, साथ ही यह आग्रह किया कि उसकी लाश को उसके पिता न छू सकें।
घटना का पुलिस जांच और प्रभावित व्यक्तिइस घटना के बाद, डीसीपी पूर्वी श्री सत्यजीत गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि प्रियांशु के सुसाइड नोट और व्हाट्सएप स्टेटस का गहन अवलोकन किया जा रहा है।
प्रियांशु की मां और बहन के प्रति उसके सुसाइड नोट में प्रेम और सहानुभूति भी थी, जिसमें उसने उन्हें परेशान न करने का आग्रह किया। इस दुखद घटना के बाद कानपुर में अधिवक्ताओं का गुस्सा दिखा, उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और पूरे परिसर में जाली लगाने की मांग की।
इस मामले ने न केवल कानपुर में बल्कि पूरे देश में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को भी उजागर किया है, और इसके प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।
ND Prana Lifeline: 24/7 आवासना आवासना, जो आपके आत्महत्या के लिए सुधार करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
Tele-MANAS: 24/7 आवासना आवासना, जो आपके आत्महत्या के लिए सुधार करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
Jeevan Aastha Helpline: 24/7 आवासना आवासना, जो आपके आत्महत्या के लिए सुधार करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
Aasra: यह एक निगम है जो आपके आत्महत्या के लिए सुधार करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
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राष्ट्रीय आत्महत्या हेल्पलाइन: 14567/1800-599-0019

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