गेहूं, जौ, मक्का, उड़द, मूंग और सरसों जैसी फसलों पर पड़ा असर
जगहों पर खड़ी और कटी हुई फसलें भीगकर खराब हो गईं व गुणवत्ता प्रभावित हुई।कानपुर:06 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश में अचानक बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलें बर्बाद कर दी हैं, जिससे आर्थिक संकट बढ़ गया है। इस घटना की जानकारी देते हुए एक समाचार रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि किसानों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, क्योंकि उनकी मेहनत से उगाई गई फसलें अचानक बर्बाद हो गई हैं।
उत्तर प्रदेश में अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में आई अचानक बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने कई जिलों में किसानों की रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्य रूप से गेहूं, जौ, मक्का, उड़द, मूंग और सरसों जैसी फसलों पर असर पड़ा है। कई जगहों पर खड़ी फसलें बिछ गईं, कटी हुई फसलें भीगकर खराब हो गईं और दानों की गुणवत्ता प्रभावित हुई।
प्रभावित क्षेत्रकानपुर, मथुरा, आगरा, जालौन, बांदा, ललितपुर, हाथरस, रायबरेली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर आदि जिलों में सबसे ज्यादा तबाही देखी गई।कानपुर, मथुरा,आगरा, जालौन, बांदा, ललितपुर, हाथरस, रायबरेली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर आदि जिलों में सबसे ज्यादा तबाही देखी गई।
कुछ इलाकों में ओले आधा फीट तक जम गए, जिससे खेत सफेद चादर से ढक गए।
अनुमानित नुकसान: कई जिलों में 10-30% तक फसल क्षति की बात कही जा रही है। पहले के आंकड़ों के अनुसार, 17 जिलों में 4000 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र प्रभावित हुआ था।किसानों की स्थिति वाकई चिंताजनक है। जिनकी फसल कटाई के लिए तैयार थी या खेत में पड़ी थी, उनकी मेहनत एक रात में बर्बाद हो गई। कई किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, क्योंकि यह उनके साल भर की कमाई पर असर डाल रहा है। कुछ रिपोर्टों में जान-माल के नुकसान की भी खबरें आई हैं (कानपुर और कासगंज में मौतें)।सरकारी और प्रशासनिक पहलमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फसल नुकसान का त्वरित आकलन करने और मुआवजा प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।
कुछ जिलों में प्रभावित किसानो को 24 घंटे में मुआवजा देने के निर्देश भी दिए गए।




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