टौंस नदी पर बना यह पुल 12 जुलाई 2026 को ही आम जनता के लिए खोला गया था
16 दिन बाद 28 जुलाई को पहली भारी बारिश में एप्रोच रोड में एक विशाल गड्ढा हो गया
बहाव को नियंत्रित करने के लिए जरूरी रिवर ट्रेनिंग वर्क और डिजाइन में गंभीर तकनीकी खामियां
भाजपा नेता रुचि भट्ट ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी होने की बात की स्वीकार
कानपुर: 8 अगस्त 2026
देहरादून : 8 अगस्त 2026
देहरादून के प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी में टोंस नदी पर बने ₹16 करोड़ के नए पुल की एप्रोच रोड (संपर्क सड़क) धंसने के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माणकर्ता कंपनी मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उत्तराखंड भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष Ruchi Bhatt की इस कंपनी में हिस्सेदारी है, जिसकी पुष्टि उन्होंने खुद की है।
कार्रवाई और मामले के मुख्य बिंदु
कानपुर: 8 अगस्त 2026
देहरादून : 8 अगस्त 2026
देहरादून के प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी में टोंस नदी पर बने ₹16 करोड़ के नए पुल की एप्रोच रोड (संपर्क सड़क) धंसने के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माणकर्ता कंपनी मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उत्तराखंड भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष Ruchi Bhatt की इस कंपनी में हिस्सेदारी है, जिसकी पुष्टि उन्होंने खुद की है।
कार्रवाई और मामले के मुख्य बिंदु
टेंडरों पर रोक: पंजीकरण सस्पेंड होने के साथ ही अग्रिम आदेशों तक कंपनी को PWD उत्तराखंड की किसी भी नई निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में भाग लेने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
तीन इंजीनियर भी सस्पेंड: प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में तकनीकी लापरवाही सामने आने के बाद शासन ने PWD के अधिशासी अभियंता (EE) राजेश कुमार, सहायक अभियंता (AE) अमित कुमार त्यागी और कनिष्ठ अभियंता (JE) नवीन गैरोला को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
16 दिन में ही धंसा पुल: टौंस नदी पर बना यह पुल 12 जुलाई 2026 को ही आम जनता के लिए खोला गया था, लेकिन महज 16 दिन बाद 28 जुलाई को पहली भारी बारिश में ही इसकी एप्रोच रोड में एक विशाल गड्ढा हो गया。
जांच का आधार: शुरुआती जांच में पाया गया कि नदी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए जरूरी रिवर ट्रेनिंग वर्क और डिजाइन में गंभीर तकनीकी खामियां थीं, जिससे पानी के दबाव से एप्रोच रोड के नीचे कैविटी (खोखलापन) बन गई।
रूचि भट्ट का बयान: भाजपा नेता रुचि भट्ट ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी होने की बात स्वीकार की है और कहा है कि इस मामले में जो भी जिम्मेदारी तय होगी, वह उससे पीछे नहीं हटेंगी।
इस घटना को लेकर उत्तराखंड में विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर सवाल उठाते हुए निर्माण की गुणवत्ता को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।
तीन इंजीनियर भी सस्पेंड: प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में तकनीकी लापरवाही सामने आने के बाद शासन ने PWD के अधिशासी अभियंता (EE) राजेश कुमार, सहायक अभियंता (AE) अमित कुमार त्यागी और कनिष्ठ अभियंता (JE) नवीन गैरोला को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
16 दिन में ही धंसा पुल: टौंस नदी पर बना यह पुल 12 जुलाई 2026 को ही आम जनता के लिए खोला गया था, लेकिन महज 16 दिन बाद 28 जुलाई को पहली भारी बारिश में ही इसकी एप्रोच रोड में एक विशाल गड्ढा हो गया。
जांच का आधार: शुरुआती जांच में पाया गया कि नदी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए जरूरी रिवर ट्रेनिंग वर्क और डिजाइन में गंभीर तकनीकी खामियां थीं, जिससे पानी के दबाव से एप्रोच रोड के नीचे कैविटी (खोखलापन) बन गई।
रूचि भट्ट का बयान: भाजपा नेता रुचि भट्ट ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी होने की बात स्वीकार की है और कहा है कि इस मामले में जो भी जिम्मेदारी तय होगी, वह उससे पीछे नहीं हटेंगी।
इस घटना को लेकर उत्तराखंड में विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर सवाल उठाते हुए निर्माण की गुणवत्ता को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।




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