काशी (वाराणसी) और बाबा महाकाल उज्जैन में सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़
कानपुर: 3 अगस्त 2026
सावन के पहले सोमवार (3 अगस्त 2026) के पावन अवसर पर देशभर के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। विशेष रूप से मोक्षदायिनी नगरी काशी (वाराणसी) और बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। शिवालयों में उमड़े इस भक्ति के माहौल की प्रमुख झलकियाँ इस प्रकार हैं:
उज्जैन: महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती और विशेष श्रृंगार
- दिव्य भस्म आरती: सावन के पहले सोमवार पर उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में तड़के बाबा महाकाल की दिव्य भस्म आरती की गई, जिसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
- पंचामृत अभिषेक: तड़के बाबा महाकाल का दूध, दही, घी, शक्कर और शहद (पंचामृत) से विशेष अभिषेक और अलौकिक श्रृंगार किया गया।
- महाकाल की सवारी: आज शाम 4 बजे बाबा महाकाल की पहली श्रावण सोमवार सवारी निकाली जाएगी, जो इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नए बने मार्ग से गुजरेगी।
- मंगला आरती व पुष्पवर्षा: वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती के बाद से ही दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। यहाँ आने वाले कांवड़ियों और शिवभक्तों का मंदिर प्रशासन द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
- VIP दर्शन पर रोक: आम श्रद्धालुओं को आसानी से और जल्दी दर्शन मिल सकें, इसके लिए पूरे सावन महीने काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP और स्पर्श दर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
- यादव समुदाय का जलाभिषेक: परंपरा के अनुसार, सावन के पहले सोमवार को यादव समुदाय के सदस्यों ने बाबा विश्वनाथ को पहला औपचारिक गंगाजल अर्पित कर जलाभिषेक की शुरुआत की।
- बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर): झारखंड के देवघर में जल चढ़ाने के लिए कांवड़ियों की लगभग 5 किलोमीटर लंबी कतार लगी हुई है।
- प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ: गुजरात में अरब सागर के तट पर स्थित सोमनाथ मंदिर में भी सुबह से ही "हर-हर महादेव" के जयघोष गूंज रहे हैं।




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