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मानसून सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश:अनुमानित आकार लगभग ₹25,000 करोड़ से ₹40,000 करोड़ के बीच

वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार की चल रही योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि अनुपूरक बजट है।
मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे, जनकल्याणकारी योजनाओं और मानदेय वृद्धि पर विशेष ध्यान केंद्रित
9.5 लाख से अधिक मानदेय कर्मियों को सीधे तौर पर लाभान्वित करने का बड़ा प्रावधान
कानपुर: 4 अगस्त 2026
लखनऊ: 4 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज 4 अगस्त 2026 को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश किया है इस अनुपूरक बजट का अनुमानित आकार लगभग ₹25,000 करोड़ से ₹40,000 करोड़ के बीच है।
विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस बजट में मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे, जनकल्याणकारी योजनाओं और मानदेय वृद्धि पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
बजट की मुख्य विशेषताएं और प्राथमिकताएं
मानदेय में वृद्धि: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, रसोइयों और ग्राम चौकीदारों के मानदेय (Honorarium) को बढ़ाने का विशेष प्रावधान।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 4 अगस्त 2026 को विधानसभा में पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले अनुपूरक बजट में राज्य के 9.5 लाख से अधिक मानदेय कर्मियों को सीधे तौर पर लाभान्वित करने का बड़ा प्रावधान किया गया है। आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले इन कर्मियों को खुश करने का प्रयास किया है।
इस प्रावधान के तहत विभिन्न श्रेणियों को मिलने वाले लाभ की विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है:
किन-किन कर्मियों के मानदेय में वृद्धि का प्रावधान है?
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका: राज्य में कार्यरत लगभग 3.80 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मासिक मानदेय को बढ़ाने का वित्तीय इंतजाम किया गया है।
आशा कार्यकर्ता: स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक पहुँचाने वाली लगभग 1.63 लाख आशा बहुओं के मानदेय व प्रोत्साहन राशि में सुधार के लिए बजट अलॉट हुआ है।
रसोइये (Mid-Day Meal Cook): स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने वाले करीब 3.5 लाख रसोइयों को इस मानदेय वृद्धि के दायरे में शामिल किया गया है।
ग्राम चौकीदार: ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े राज्य के करीब 60 हजार ग्राम चौकीदारों का मानदेय भी इस अनुपूरक बजट के माध्यम से बढ़ाया जा रहा है। महिला एवं युवा कल्याण: छात्राओं के लिए मुफ्त स्कूटी योजना और युवाओं के रोजगार व कौशल के लिए 'युवा समग्र विकास योजना'।
इन्फ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार: राज्य के नए लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और औद्योगिक टाउनशिप जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड आवंटन।
धार्मिक पर्यटन: मथुरा सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष बजटीय सहायता।
अनुपूरक बजट क्या होता है ?
वित्तीय वर्ष के दौरान जब सरकार की चल रही योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होती है या बजट के बाद किसी नई लोकहित योजना की घोषणा की जाती है, तो उसके लिए विधायिका के सामने अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) प्रस्ताव लाया जाता है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, इस बजट का मुख्य उद्देश्य चालू विकास कार्यों की गति को तेज करना और जनहित के कार्यों को समय पर पूरा करना है।

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