ब्रेकिंग न्यूज

12/recent/ticker-posts

ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत: कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान

समापन समारोह में आधिकारिक रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी भारत (अहमदाबाद) को 
 भारतीय दल ने 13 स्वर्ण (Gold), 17 रजत (Silver) और 9 कांस्य (Bronze) पदक अपने नाम किए
 पारंपरिक पदक दिलाने वाले 9 खेलों (कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी,  शूटिंग) को हटाया गया था।

 
कानपुर: 2 अगस्त 2026
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स :2 अगस्त 2026
ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका (Medal Tally) में चौथा स्थान हासिल किया है। 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक चले इन खेलों में भारतीय दल ने 13 स्वर्ण (Gold), 17 रजत (Silver) और 9 कांस्य (Bronze) पदक अपने नाम किए। यह प्रदर्शन इस मायने में बेहद खास रहा क्योंकि लागत कटौती के चलते इस बार भारत के पारंपरिक रूप से पदक दिलाने वाले 9 खेलों (जैसे कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग) को हटा दिया गया था। 
मुख्य पदक तालिका (Top 5 देश)
स्थानदेशस्वर्ण (Gold)रजत (Silver)कांस्य (Bronze)कुल पदक
1ऑस्ट्रेलिया654152158
2इंग्लैंड264135102
3कनाडा18202159
4भारत1317939
5स्कॉटलैंड1381738

 खेलों के अनुसार भारत का मुख्य प्रदर्शन
  • बॉक्सिंग (मुक्केबाजी): भारतीय मुक्केबाजों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 10 पदक जीते, जिसमें 7 स्वर्ण शामिल हैं। किसी भी देश द्वारा एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में मुक्केबाजी में जीते गए यह सबसे अधिक स्वर्ण पदक हैं। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने रजत पदक जीता। 
  • जूडो: जूडो के खेल में भारत ने ऐतिहासिक सफलता पाई। अस्मिता डे (-48 किग्रा) कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडोका बनीं। उनके ठीक बाद हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण पदक जीता। इस खेल में भारत को 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य मिले। 
  • वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन): दिग्गज खिलाड़ी मीराबाई चानू ने भारत को इन खेलों का पहला स्वर्ण पदक दिलाया और सीडब्ल्यूजी (CWG) में अपनी स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की। भारोत्तोलन में भारत ने कुल 8 पदक (1 स्वर्ण, 6 रजत, 1 कांस्य) जीते। ऋषिकांत सिंह पुरुषों के 60 किग्रा में रजत पदक जीतने वाले पहले एबल-बॉडी एथलीट बने। 
  • एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड): गुलवीर सिंह ने कमाल करते हुए पुरुषों की 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता। वह एक ही राष्ट्रमंडल खेलों में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने। स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने रजत पदक के साथ पोडियम पर वापसी की। तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में भारत का पहला पदक (कांस्य) जीता। 
  • पैरा-स्पोर्ट्स (दिव्यांग एथलीट): भारत ने पैरा-स्पोर्ट्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 7 पदक (3 स्वर्ण, 2 रजत, 2 कांस्य) जीते। पैरा-एथलेटिक्स में दिलीप गावित (100 मीटर T47), शर्मिला ढाकर (शॉट पुट F57) और सोमन राणा (शॉट पुट F57) ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का 20 साल का सूखा खत्म किया। झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य जीतकर ग्लासगो 2026 में भारत का खाता खोला था।
    ऐतिहासिक अभियान के समापन के साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत के कुल पदकों की संख्या 603 हो गई है। समापन समारोह में आधिकारिक रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी भारत (अहमदाबाद) को सौंप दी गई है।

Post a Comment

0 Comments