दमकल की 16 से अधिक गाड़ियाँ (मुरादाबाद के अलावा बरेली जोन के कई जिलों से) मौके पर पहुँचीं।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और SSP भारी पुलिस बल के साथ पहुंच रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली।
पुलिस और दमकल विभाग की मुस्तैदी से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया
समय रहते 100 से अधिक प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया कानपुर: 1 अगस्त 2026
मुरादाबाद:1 अगस्त 2026
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और SSP भारी पुलिस बल के साथ पहुंच रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली।
पुलिस और दमकल विभाग की मुस्तैदी से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया
समय रहते 100 से अधिक प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया कानपुर: 1 अगस्त 2026
मुरादाबाद:1 अगस्त 2026
मुरादाबाद के सागर सराय इलाके की कृष्णा कॉलोनी (ई-ब्लॉक / बुध बाजार क्षेत्र) में शुक्रवार देर रात (करीब 12:55 से 2 बजे के बीच) मयूर इंटरनेशनल / अभिषेक अग्रवाल की मोमबत्ती फैक्ट्री-कम-गोदाम में भीषण आग लग गई थी। फैक्ट्री घनी आबादी वाले संकरे इलाके में स्थित थी, इसलिए आग तेज़ी से फैलने का खतरा था। कई सिलेंडर और केमिकल भरे ड्रम भी फटे। आसपास के घरों को खाली कराया गया। दमकल विभाग की 16 से अधिक गाड़ियाँ (मुरादाबाद के अलावा बरेली जोन के कई जिलों से) मौके पर पहुँचीं।
अधिकारियों का दौरा: घटना की सूचना मिलते ही मुरादाबाद के जिलाधिकारी (DM) डॉ. राजेंद्र पैंसिया और SSP भारी पुलिस बल के साथ खुद मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली।
आग पर पाया काबू: पुलिस और दमकल विभाग की मुस्तैदी से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।
कोई जनहानि नहीं: गनीमत यह रही कि समय रहते 100 से अधिक प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिससे हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
चुनौतियां: इलाका काफी संकरा और तंग गलियों वाला होने के कारण दमकल गाड़ियों को भीतर जाने में दिक्कत आई। राहत कार्य के लिए करीब 700 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछानी पड़ी।
6 जिलों से मदद: आग बुझाने के लिए मुरादाबाद के अलावा आसपास के 6 जिलों से दमकल की गाड़ियों और फोम टेंडर्स को बुलाया गया था।
शॉर्ट सर्किट की आशंका: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सतपाल अंतिल के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसमें घर, गोदाम और फैक्ट्री तीनों संचालित थे।
लाखों का नुकसान: आग की चपेट में आने से फैक्ट्री में रखी मशीनें, कच्चा माल और तैयार सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया है। इसके अलावा आसपास के कुछ मकानों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।




0 Comments