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अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस:27 जून :राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी की उपस्थिति संभव

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की भूमिका और विकास में योगदान को पहचानने के लिए मनाया जाता
यह देश के औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा
आयोजन से रचनात्मकता और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलता है
यह एमएसएमई के महत्व को सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से पहचाना जाए।
कानपुर: 27 जून 2026
नई दिल्ली: 27 जून 2026
27 जून आज, देश और दुनिया में "अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस" मनाया जा रहा है। यह दिन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की महत्वपूर्ण भूमिका और उनकी विकास में योगदान को पहचानने के लिए मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य इन उद्यमों की आर्थिक योगदान को बढ़ावा देना और सतत विकास लक्ष्यों के संबंध में उनकी भूमिका को मान्यता देना है.
एमएसएमई दिवस का महत्व
हर वर्ष 27 जून को यह दिवस मनाया जाता है। यह तारीख संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2017 में स्थापित की गई थी। एमएसएमई का क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देश के औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है.
एमएसएमई क्षेत्र का लगभग 30% योगदान देश की कुल जीडीपी (GDP) में है, और यह लगभग 110 मिलियन लोगों को रोजगार प्रदान करता है। यह निर्यात क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहाँ यह लगभग 48% योगदान देते हैं.
नई दिल्ली में "उद्यमी भारत" कार्यक्रम
इस विशेष अवसर पर नई दिल्ली में "उद्यमी भारत" कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया है, जिसमें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी की उपस्थिति संभव है.
विशेष कार्यक्रम और गतिविधियाँ

इस कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियाँ शामिल होंगी, जैसे कि उद्यमिता पर चर्चा, नए व्यापारिक अवसरों की खोज और एमएसएमई क्षेत्र को विकसित करने के लिए रणनीतियाँ प्रस्तुत की जाएँगी। यह कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करने और उनके विकास को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है.

आयोजन से रचनात्मकता और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि एमएसएमई के महत्व को सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से पहचाना जाए।

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