परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर
शुरुआत 25 जून को कोटा से देश के 28 प्रमुख शहरों में जो 9 अगस्त तक चलेगा.
प्रमुख मांगें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार
वर्षभर की परीक्षा और भर्ती कैलेंडर स्थापित करनाकानपुर: 26 जून 2026
नई दिल्ली: 26 जून 2026
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हाल ही में ‘छात्रों की गूंज’ नामक एक अभियान शुरू किया है। यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और बेरोजगारी के मुद्दों पर छात्रों का विरोध करने के लिए है। अभियान की शुरुआत 25 जून को कोटा से हुई और इसके अंतर्गत देश के 28 प्रमुख शहरों में गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जो 9 अगस्त तक चलेगा.
कांग्रेस का यह अभियान विशेष रूप से नीट (NEET) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर आयोजित किया गया है, जिसमें पेपर लीक की घटनाएं शामिल हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर है। इसकी पुष्टि करते हुए कांग्रेस के नेताओं ने यह भी कहा है कि पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के लिए निराशा का कारण बन गई हैं, जिससे कई छात्रों ने आत्महत्या भी की है.
इस अभियान के तहत कांग्रेस ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा - यह मांग पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर आधारित है.
परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार - इसमें परीक्षा सेटिंग, प्रिंटिंग, परिवहन, और परीक्षा केंद्रों की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की बात शामिल है.
वर्षभर की परीक्षा और भर्ती कैलेंडर स्थापित करना - ताकि परीक्षाओं के आयोजन में पारदर्शिता बनी रहे.
कांग्रेस इस अभियान के जरिए छात्रों की आवाज उठाने और उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठा कर समाधान की कोशिश कर रही है। इसके अंतर्गत, "शिक्षा बचाओ, युवा बचाओ" और "छात्र सत्याग्रह" जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
इस तरह, ‘छात्रों की गूंज’ अभियान कांग्रेस का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य छात्र समुदाय और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाना है और केंद्र सरकार से उत्तरदायी कार्रवाई की मांग करना है।




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