मई में महंगाई दर 4% से 4.5% के बीच और जून में 4.5% से 5% तक
भारतीय रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई दर का अनुमान 5.1% तक बढ़ा दिया
कानपुर: 8 जून 2026
नई दिल्ली: 8 जून 2026
नई दिल्ली: 8 जून 2026
भारत में महंगाई दर 4% तक पहुंचने की संभावना है, जिसका मुख्य कारण खाद्य उत्पादों और ईंधन की कीमतों में वृद्धि है। विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार वृद्धि के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है.
पेट्रोल और डीजल की कीमतें 15 मई 2026 से लगभग ₹7.5 प्रति लीटर बढ़ चुकी हैं. इसके अलावा, क्रिसिल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि इन कीमतों में और वृद्धि होती है, तो महंगाई दर में और भी वृद्धि हो सकती है.
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने खुदरा महंगाई दर का अनुमान 5.1% तक बढ़ा दिया है, जो पहले 4.6% था. इससे स्पष्ट है कि महंगाई दर में बढ़ोतरी का पर्यवेक्षण आगे भी जारी रहेगा।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मई में महंगाई दर 4% से 4.5% के बीच और जून में 4.5% से 5% तक रह सकती है. इसका तात्पर्य यह है कि आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का प्रभाव बढ़ सकता है।
इन सभी घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए, भारत में खाद्य और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण महंगाई दर का बढ़ना एक महत्वपूर्ण आर्थिक मुद्दा बन गया है, जिसे सरकार और रिजर्व बैंक के साथ-साथ आम लोगों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें 15 मई 2026 से लगभग ₹7.5 प्रति लीटर बढ़ चुकी हैं. इसके अलावा, क्रिसिल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि इन कीमतों में और वृद्धि होती है, तो महंगाई दर में और भी वृद्धि हो सकती है.
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने खुदरा महंगाई दर का अनुमान 5.1% तक बढ़ा दिया है, जो पहले 4.6% था. इससे स्पष्ट है कि महंगाई दर में बढ़ोतरी का पर्यवेक्षण आगे भी जारी रहेगा।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मई में महंगाई दर 4% से 4.5% के बीच और जून में 4.5% से 5% तक रह सकती है. इसका तात्पर्य यह है कि आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का प्रभाव बढ़ सकता है।
इन सभी घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए, भारत में खाद्य और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण महंगाई दर का बढ़ना एक महत्वपूर्ण आर्थिक मुद्दा बन गया है, जिसे सरकार और रिजर्व बैंक के साथ-साथ आम लोगों को ध्यान में रखना आवश्यक है।




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