• बीजेपी प्रतिनिधियों का कहना है कि सीट शेयरिंग फॉर्मूला तैयार
• मांझी ने 15 सीटों की मांग उनकी पार्टी को मान्यता प्राप्त करने के लिए जरूरी
• चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा को सीट बंटवारे के प्रस्ताव को असंतोषजनक बताया।
• बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल: सभी दलों के साथ विचार-विमर्श लगभग समाप्त
• एनडीए के साथी दलों की संतोषजनक प्रतिनिधित्व प्रक्रिया की कुंजी
गठबंधन की बैठकें: एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर लगातार बैठकें चल रही हैं। जीतन राम मांझी नेता हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने कहा कि उन्हें अभी तक बीजेपी की ओर से केवल 7 सीटें ऑफर की गई हैं, जबकि उनकी मांग 10 सीटों की है। मांझी का कहना है कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनाधार का सही प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
लेकिन अपनी अपेक्षाएँ: मांझी ने संकेत दिया कि उन्हें सीटों की संख्या उनके पार्टी के अनुकूल बढ़ानी होगी, क्योंकि वे 15 सीटों की मांग करते रहे हैं। उनका तर्क है कि चूंकि उनकी पार्टी को मान्यता प्राप्त करने के लिए कुछ सीटें जीतनी जरूरी हैं, इसलिए उनकी ओर से उचित संख्या में सीटों को आवश्यक माना जाना चाहिए।
चिराग पासवान और कुशवाहा की स्थिति: एनडीए में अंतर्विरोध के बीच चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेताओं ने भी अपनी नाराजगी जताई है। चिराग पासवान ने हाल ही में कहा कि सीट बंटवारे का जो प्रस्ताव आया है, वह संतोषजनक नहीं है।
आगे की रणनीति: बैठक के बाद यह अपेक्षा की जा रही है कि अगले एक-दो दिनों में सीटों की बंटवारे की औपचारिक घोषणा की जा सकती है, संज्ञान में रखते हुए कि एनडीए के साथी दलों का संतोषजनक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने भी कहा है कि सभी दलों के साथ विचार-विमर्श लगभग समाप्त हो चुका है और जल्द ही परिणाम सामने आएंगे।
बिहार के एनडीए में सीटों के बंटवारे पर हो रही अद्यतन बातचीत इस गठबंधन की चुनावी स्थिति और आगामी चुनावों में संभावित सफलता को आकार देगी। सभी साथी दलों की संतुष्टि और उनकी धाराओं की समझदारी इस प्रक्रिया की कुंजी बनेगी।




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